13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अफगानिस्तान: कंधार में आतंकवादी हमले में 4 पुलिसकर्मी शहीद, 13 मजदूरों का अपहरण

अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

2 min read
Google source verification
afganistan

अफगानिस्तान: कंधार में आतंकवादी हमले में 4 पुलिसकर्मी शहीद, 13 मजदूरों का अपहरण

काबुल: अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में सड़क निर्माण स्थल पर हुए आतंकवादी हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए और 13 मजदूरों का अपहरण कर लिया गया। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, यह घटना दूरवर्ती स्पिन बोल्डक जिले के सीरा सहान क्षेत्र की है । मजदूर स्पिन बोल्डक को पड़ोसी शोरबाक जिले से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कर रहे थे। अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।सुरक्षाबलों ने घटनास्थल को घेर दिया है। साथ ही इस रास्ते पर आवाजाही को रोक दिया गया है। बताया जा रहा है आतंकी इससे बड़ी घटना को अंजाम देने में जुटे हैं।

सुरक्षा चौकियों पर हमले में 61 की मौत

पिछले दिनों अफगान के दो प्रांतों में सुरक्षा चौकियों पर तालिबान आतंकियों ने हमला बोला । इस हमलों में 61 लोगों की मौत हो गई। अफगान सुरक्षा बल के कम से कम 45 जवान और 16 आतंकवादी मारे गए हैं। समाचार एजेंसी के मुताबिक प्रांतीय गवर्नर अब्दुल कफूर मलिकजई ने कहा कि बदगिस प्रांत में रात को आतंकवादियों ने दो सुरक्षा चौकियों पर हमले किए, जिसमें 30 अफगानिस्तान सैनिक और 16 तालिबान आतंकवादी मारे गए। गवर्नर ने कहा कि भयानक लड़ाई के दौरान 15 से ज्यादा आतंकवादी घायल भी हुए हैं। घायलों में एक तालिबान का छद्म प्रांतीय गवर्नर भी शामिल है। वहीं, फराह प्रांत में हुए एक हमले में 15 पुलिसकर्मी मारे गए। अफगान रक्षा मंत्रालय का कोई अधिकारी तत्काल टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं था।

12 जून को हुई थी संघर्षविराम की घोषणा

अफगानिस्तान सरकार ने 12 जून को सात दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी ताकि राष्ट्रीय सुलह प्रक्रिया के समर्थन के लिए तलिबान को प्रोत्साहित किया जा सके। इस कदम पर गौर करते हुए तालिबान ने ईद-उल-फितर के पहले दिन से रविवार तक तीन दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी। फिलहाल इस घटना की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन सुरक्षा बलों का शक इस्लामिक स्टेट और तालिबान पर ही है।