
नई दिल्ली। म्यांमार के सेना प्रमुख ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। सेना प्रमुख ने यूएन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके सैन्यकर्मियों ने रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ बलात्कार की घटनाओं को अंजाम नहीं दिया है। बता दें कि म्यांमार के दौरे पर पहुंचे संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को संबोधित करते हुए म्यांमार सेना प्रमुख मिन ऑंग ह्लेंग ने कहा कि हमारी सेना ने रोहिंग्या मुसलमान महिलाओं के साथ बलात्कार नहीं किया है।
म्यांमार सेना पर हत्या और बलात्कार का है आरोप
गौरतलब है कि म्यांमार की सेना पर जातीय विद्रोह फैलाने और रोहिंग्या महिलाओं के साथ बलात्कार करने और हत्या का आरोप है। सेना पर आरोप है कि उन्होंने रोहिंग्या महिलाओं के साथ बलात्कार किया और देश छोड़ने पर विवश किया। बता दें कि 2017 से अबतक करीब 7 लाख रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश में शरणार्थी बन कर रह रहे हैं। रोहिंग्या मुसलमानों का आरोप है कि सेना ने महिलाओं के साथ बलात्कार किया और उनके घरों को जला दिया।
यूएन सदस्यों के म्यांमार का पहला दौरा
आपको बता दें कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ सेना की कार्रवाई ने दुनिया के ध्यान को आकर्षित किया है। रोहिंग्या मुसलमानों के प्रति हो रहे अत्याचार के खिलाफ दुनियाभर में चर्चा हो रही है। रोहिंग्या मुसलमान देश छोड़कर बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। अब से पहले तक यूएन के सदस्यों को भी म्यांमार में प्रवेश की इजाजत नहीं थी। हालांकि यह पहला मौका है जब यूएन के सदस्यों को रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के संबंध में बातचीत करने के लिए प्रवेश कि इजाजत मिली है। रविवार को इस संबंध में यूएन सदस्यों ने सेना प्रमुख से मुलाकात कर चर्चा की। बता दें कि म्यांमार में सुरक्षा मामलों पर वहां की निर्वाचित सरकार का नहीं बल्कि सेना का नियंत्रण है।
सेना प्रमुख का आरोप से इनकार
आपको बता दें कि सोमवार को म्यांमार सेना प्रमुख ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि सेना हमेशा अनुशासित रहती है और कानून तोड़ने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करती है। आगे उन्होंने लिखा की बांग्लादेश में शरण लेने वाले रोहिंग्या महिलाओं और लड़कियों के साथ सेना ने बलात्कार नहीं किया है क्योंकि हमारी सेना का यौन उत्पीड़न का कोई इतिहास नहीं है। सेना प्रमुख ने आगे लिखा कि हमारे देश की संस्कृति और धर्म इस बात की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि रविवार को यूएन के सदस्यों ने बांग्लादेश का दौरा किया था जहां पर रोहिंग्या शरणार्थियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना था। सबसे बड़ी बात थी कि यूएन सदस्यों ने बलात्कार पीड़ित महिलाओं से मिलकर उनका दर्द जानने का प्रयास किया था। हालांकि अब म्यांमार सेना प्रमुख इस बात से सीधे इनकार कर रहे हैं।
Published on:
01 May 2018 07:49 pm
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