
नई दिल्ली।
कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला चीन में एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने कई शहरों में एहतियाती उपायों को लागू करते हुए लाकडाउन लगा दिया है।
वहीं, यूनिवर्सिटी में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद छात्रों को आवास से बाहर निकलने से मना किया गया है। सैकड़ों छात्रों को कुछ समय के लिए होटलों में ठहराया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके। ये छात्र अब ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं और यहां तक की भोजन भी अपने कमरों में कर रहे हैं।
चीन ने संक्रमण के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपना रखी है। लॉकडाउन इसका नवीनतम उदाहरण है। इसने लोगों के जीवन और उनकी आजीविका को बहुत प्रभावित किया है। नए दिशानिर्देशों के तहत बीजिंग में बुधवार से देश के अन्य हिस्सों से विमान, ट्रेन, बस या कार से आने वाले सभी लोगों को संक्रमित ना होने की पुष्टि करने वाली जांच रिपोर्ट दिखानी होगी, जो जांच यात्रा से 48 घंटे के अंदर कराई गई हो।
चीन में अभी तक कोविड-19 के 98,315 मामले सामने आए हैं और 4,636 लोगों की मौत हुई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सोमवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 32 नए मामले सामने आए है, जिनमें से दालियान में 25 मामले सामने आए। जिसके बाद से चीन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सामान्य लक्षण पाए जाने पर हर एक व्यक्ति का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है।
अधिकारी लगातार अपने-अपने क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं। उन्हें आदेश दिया गया है कि किसी भी जगह से कोरोना के मामले मिलने पर उस क्षेत्र को तत्काल सील किया जाए और संपर्क में आए लोगों की जांच की जाए। इतना ही नहीं, लोगों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे अपने घरों से कम से कम बाहर निकलें। लोगों को एक बार में ज्यादा मात्रा में खाने-पीने की चीजें खरीदने को भी कहा जा रहा है।
Updated on:
16 Nov 2021 04:19 am
Published on:
16 Nov 2021 04:16 am
