
पाकिस्तान में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल।
इस्लामाबाद। आर्थिक बदहाली के बाद अब राजनीतिक संकट को लेकर पाकिस्तान में घमासान मचा हुआ है। जहां एक और महंगाई और देश की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर लोग इमरान सरकार से खफा हैं तो वहीं अब सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने के बाद से सियासी घमासान तेज हो गया है।
आर्थिक और सियासी संकटों से घिरे पाकिस्तान में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि देश में सरकार आपातकाल लगा सकती है। बेतहाशा महंगाई के कारण लोगों का गुस्सा चरम पर है और देश में विपक्षी दल इमरान सरकार को सत्ता से हटाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
पाकिस्तानी मीडिया 'द न्यूज' व 'जंग' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सत्ता के शीर्ष पर मौजूद लोग इस बात पर विचार कर रहे हैं कि जनरल बाजवा के मामले में अगर सुप्रीम कोर्ट से किसी तरह का सरकार के विपरीत फैसला आता है तो इससे देश में पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए देश में आपातकाल लगाया जा सकता है।
आपातकाल से सुधर सकते हैं देश के हालात
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है क्योंकि अधिकांश उच्च अधिकारी इस सुझाव के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इससे हालात और बिगड़ेंगे और इनके पूरी तरह से हाथ से निकल जाने का खतरा पैदा हो जाएगा।
लेकिन, अभी इसकी संभावना को पूरी तरह से खारिज भी नहीं किया गया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि आपातकाल लगाने का समर्थन करने वाले नेताओं की मानें तो अतीत में आपातकाल लगाने के अच्छे नतीजे सामने आ चुके हैं।
उनका कहना है कि कम समय के लिए आपातकाल को लगाया जाना नुकसानदेह नहीं होगा। इससे संवैधानिक संकट की स्थिति से निपटा जा सकेगा और समाज में किसी तरह की अशांति पर काबू पाकर सौहार्द के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा।
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Updated on:
27 Nov 2019 11:01 pm
Published on:
27 Nov 2019 08:33 pm
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