7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अफगानिस्तानःसुरक्षाबलों और तालिबान के बीच मुठभेड़, 50 लोगों की मौत

अफगानिस्तान में एक बार फिर सुरक्षाबलों और तालिबान के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें 50 लोगों की मौत हो गई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mangala Prasad Yadav

•

Updated: 7 Aug 2018, 4:33 PM IST

file pic

अफगानिस्तानःसुरक्षाबलों और तालिबान के बीच मुठभेड़, 50 लोगों की मौत

काबुल। अफगानिस्तान के लोगर प्रांत में तालिबान के साथ संघर्ष में सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों सहित पचास लोग मारे गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, तालिबानी आतंकवादियों ने अजरा जिले और आसपास के क्षेत्रों पर हमला किया जिसके बाद सोमवार देर रात संघर्ष शुरू हुआ। एक अधिकारी ने बताया, "आतंकवादी जिले के मध्य के पास तक पहुंच गए थे। आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच अजरा के विभिन्न हिस्सों में भयंकर मुठभेड़ हुई।" इस मुठभेड़ में कई आतंकवादी मारे गए और घायल हुए लेकिन उनकी संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।
तखार प्रांत में 16 जवानों की गई थी हत्या
२८ जुलाई को तालिबान ने तखार प्रांत में अफगान बॉर्डर पुलिस की सीमा चौकी पर हमला कर 16 जवानों की हत्या कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा कि तालिबान आतंकवादियों ने ताजिकिस्तान से लगी सीमा के पास चाह आब जिले के सुदूर इलाके में स्थित चौकी को घेर लिया और लगभग तड़के तीन बजे हमला कर दिया था। इससे पहले 25 जून को पूर्वोत्तर प्रांत कुनार में आत्मघाती हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी जबकि तीन घायल हो गए। बताया जा रहा है कि,"एक आतंकवादी ने चौके जिले के बाबर तंगाई क्षेत्र में अफगान स्थानीय पुलिस (एएलपी) के शिविर में सोमवार रात आठ बजे घुसने का प्रयास किया था। जवानों से घिरा देख आतंकी ने विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया था।

ये भी पढ़ेंः पाकिस्तान चुनाव: पुराना है इमरान खान का तालिबान कनेक्शन, ऐसे ही नहीं बने सेना के फेवरेट

जनवरी से जून तक हो चुकी है 1662 की मौत
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में इस साल जनवरी महीने से जून तक 1662 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में 2,348 लोग घायल हुए है। जबकि आम नागरिक आतंकियों के दहशत में जीने को मजबूर हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की अपेक्षा इस साल 12 फीसदी मौतें ज्यादा हुई है।