
भारत-पाक के खराब रिश्तों के लिए मोदी सरकार का आक्रामक रूख है जिम्मेदार: इमरान खान
कराची। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के चीफ इमरान खान ने भारत पर हमला बोलते हुए भारत-पाक के बिगड़ों रिश्तों के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इमरान खान ने स्थानीय अखबार को दिए अपने इंटरव्यू में कहा है कि, " पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत-पाक के रिश्तों को सुधारने का प्रयास किया लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ भारत सरकार के आक्रामक रूख की वजह से दो पड़ोसियों देशों के बीच रूकावट पैदा हुई। इमरान खान का मानना है कि भारत के साथ रिश्ते सुधारने में नवाज शरीफ ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। पीटीआई प्रमुख ने कहा कि, "मैं इसका श्रेय उन्हें (नवाज शरीफ) दूंगा। पाकिस्तान में चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय मीडिया से बात करते इमरान खान बोले कि, "नवाज शरीफ ने सभी प्रयास किए, यहां तक उन्हें (पीएम मोदी) निजी तौर पर घर पर भी बुलाया। कोई भी उनके रास्ते में नहीं आया लेकिन मुझे लगता है कि ये मोदी सरकार की नीति है कि वह पाकिस्तान को अलग करने की कोशिश करती है"।
सियासत में सैन्य दखल पर क्या बोले इमरान?
वहीं 65 वर्षीय इमरान खान ने पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य दखल के बारे में कहा है कि," पाकिस्तान की सियासत में सैन्य प्रभाव रहा है। सैन्य प्रभाव के कारण को बताते हुए उन्होंने कहा कि," क्योंकि हमारे यहां खराब सरकारें रहीं। मैं इसे उचित नहीं ठहरा रहा हूं लेकिन खालीपन को भरा भी जाएगा। " इमरान खान ने ये भी कहा कि जहां सुरक्षा संबंधी मसले होते हैं वहां सैन्य दखल होता है। ये अमरीका में भी होता है। इमरान खान ने जुल्फिकार अली भुट्टो को पाक का मजबूत प्रधानमंत्री भी बताया।
पठानकोट हमले के बाद बिगड़े हालात
पाकिस्तान के खिलाफ उनका आक्रामक रवैया है। ऐसे में रुख पर कोई क्या कर सकता है? बता दें कि 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाक के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बुलावे पर अफगानिस्तान से लौटते वक्त पाक में रूक गए थे। लाहौर के अल्लामा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पीएम मोदी की आगवानी की थी और उनका गले लगाकर स्वागत किया था। यह तस्वीर काफी लोकप्रिय हुई थी। पाकिस्तानी विदेश सचिव ने मोदी के दौरे को और शरीफ से उनकी मुलाकात को सद्भावना दौरा बताया। जनवरी 2016 में पाकिस्तान के आतंकियों ने पठानकोट में हमला किया और उसेक बाद सितंबर में उड़ी में आतंकी हमला हुआ। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। भारत ने पाकिस्तान को आतंकी हमले के सबूत भी दिए, जिसे पाकिस्तान खारिज करता रहा है।
Published on:
05 Jul 2018 05:26 pm
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