
पाकिस्तान: इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत, लाहौर सीट पर दोबारा मतगणना नहीं
इस्लामाबाद । पाकिस्तान के पीएम इन वेटिंग इमरान खान को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लाहौर नैशनल असेम्बली सीट पुनर्मतगणना की मांग को खारिज कर दिया। यह वही सीट है जहां से इमरान खान ने 25 जुलाई को हुए आम चुनाव में बेहद मामूली अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया था। इससे पहले पाकिस्तान चुनाव आयोग ने मंगलवार को उन्हें नेशनल असेम्बली में सशर्त शपथ ग्रहण की अनुमति दी थी, जिसके मुताबिक अगर इमरान यह मुकदमा हार जाते तो उनका पीएम बना खटाई में पड़ सकता था।
बच गए इमरान खान
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में लाहौर-9 सीट से ख्वाजा साद रफीक ने वोटों की दोबारा गिनती के लिए याचिका दी थी। वह पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज के नेता हैं। इस सीट से इमरान खान केवल 680 वोटों से विजयी हुए थे। साद रफीक ने आरोप लगाए हैं कि काउंटिंग स्थल के पीठासीन अधिकारी ने महज इमरान को जिताने के लिए सैकड़ों वोट खारिज कर दिए थे। पाकिस्तान चुनाव आयोग के अनुसार अगर जीत का अंतर पांच फीसदी से कम है तो पुनर्मतगणना की मांग की जा सकती है। लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान खान के विरोध में फैसला देते हुए कहा था कि वोटों की गिनती दोबारा होगी। इमरान खान इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे।लाहौर हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए उच्चतम न्यायालय की पीठ ने फैसले के खिलाफ खान की याचिका स्वीकार कर ली।
बता दें कि पीटीआई चीफ इमरान खान ने पांच सीटों से चुनाव लड़ा था और पांचों पर विजयी हुए थे। लेकिन पाकिस्तान चुनाव आयोग ने दो सीटों से उनकी जीत की अधिसूचना पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते उनका पीएम पद का शपथ लेना मुश्किल लगने लगा था। चुनाव आयोग ने तीन अन्य सीटों से उन्हें विजयी घोषित कर दिया था। चुनाव आयोग ने यह निर्णय इमरान पर आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लंबित मामले को देखते हुए लिया था।
Published on:
09 Aug 2018 08:52 am
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