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पाकिस्तान के आर्थिक हालात को खुद बयां कर रहे इमरान खान, कहा- दो दोस्तों की मदद से पहुंचे थे दावोस

पाक पीएम इमरान खान का कहना है कि उनकी यात्रा को उनके दो दोस्तों और जाने-माने व्यापारियों ने फंड कया था
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imran khan in davos

दावोस में पाक के आर्थिक हालात पर चर्चा की।

दावोस। पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक हालात दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। इसकी पोल खुद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (Imran Khan) ने खोली है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपनी यात्रा को 'सबसे सस्ती' आधिकारिक यात्रा करार देते हुए इमरान ने कहा कि उनकी यात्रा को उनके दो दोस्तों और जाने-माने व्यापारियों इकराम सहगल और इमरान चौधरी ने फंड किया था।

पाकिस्तानी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार 'ब्रेकफास्ट एट दावोस' के दौरान गुरुवार को पाथफाइंडर ग्रुप और मार्टिन डाउ ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि पूर्ववर्ती नेताओं के मुकाबले उनकी यात्रा की लागत 10 गुना कम है।

उन्होंने बताया कि इस साल नवंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनकी यात्रा की लागत 1 लाख 60 हजार डॉलर थी, जो पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी ($ 1.4 मिलियन), पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ ($ 1.3 मिलियन) और शाहिद खकान अब्बासी (800,000 डॉलर) की यात्राओं से सस्ती थी।

'नौ लाख से अधिक पाकिस्तानियों पर भरोसा'

एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और पाथफाइंडर समूह के अध्यक्ष सहगल को शुक्रिया अदा करते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्होंने मुझे यहां लाने में अहम भूमिका अदा की है। ऐसा न होता तो सरकार पर दो रातों के लिए 450,000 डॉलर का भुगतान करने का दबाव होता।' खान ने कहा कि सरकार को विदेशों में रह रहे नौ लाख से अधिक पाकिस्तानियों पर भरोसा करना चाहिए।

यात्रा की अनुमति नहीं देते

उन्होंने कहा कि मेरी राय में उन नौ लाख विदेशी पाकिस्तानियों की जीडीपी 20 करोड़ लोगों की पाकिस्तान (कुल) जीडीपी का लगभग 50 प्रतिशत है। इसलिए हम इस संसाधन का उपयोग कर सकते हैं और वे इन चीजों को प्रायोजित कर सकते हैं। उन्होंने वह अकसर मंत्रियों को दावत पर जाने से रोक देते हैं। इमरान ने कहा कि जब भी मंत्री कहीं जाने को कहते हैं, तो उस यात्रा को तब तक अनुमति नहीं देते जब तक कि वह मुझे यह समझाने में सफल नहीं हो जाते कि यह देश के लिए किस तरह से फायदेमंद होगा।