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इमरान खान ने अब NRC का लिया सहारा, कहा- मोदी सरकार मुस्लमानों को बना रही है निशाना

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के मामले को इमरान खान पूरी दुनिया के सामने मुस्लमानों के साथ जोड़कर पेश कर रहे हैं अब असम में किए जा रहे NRC के मुद्दे को भी इमरान खान ने मुस्लमानों से जोड़ दिया है
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 1 Sep 2019, 10:20 AM IST

imran khan

इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पूरी दुनिया से करारी शिकस्त खाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अब हर दिन नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं। साथ ही इस पूरे मामले को मुस्लमानों के साथ जोड़कर दुनिया के सामने पेश करने की कोशशि कर रहे हैं, जो कि पहले ही फ्लोप हो चुका है।

इसी कड़ी में एक बार फिर से इमरान ने कश्मीर मामले को मुसलमानों से जोड़ने की कोशिश की है। दरअसल, भारत के असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए एनआरसी की गई है। इसकी फाइनल लिस्ट शनिवार को गृहमंत्रालय ने जारी की।

असम में NRC की फाइनल लिस्ट जारी, 19 लाख लोगों का नाम बाहर

इस लिस्ट के जारी होते ही इमरान खान ने इसी मजहबी रंग दे देकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। इमरान खान ने कहा कि मोदी सरकार भारत से मुस्लिमों की सफाई करना चाहते हैं, जो कि पूरी दुनिया के लिए एक चिंता का विषय है।

इमरान खान ने कहा कि कश्मीर में भारत सरकार ने जो भी किया वह मुस्लिमों को निशाना बनाने की नीति के तहत किया है। अब असम में भी एनआरसी के नाम पर मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है।

गृह मंत्रालय ने जारी की NRC की फाइनल लिस्ट

आपको बता दें कि शनिवार को गृहमंत्रालय की ओर से असम में हो रहे बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक पंजी ( NRC ) की अंतिम सूची जारी की। यह सूची ऑनलाइन जारी की गई है, जिसे कोई भी देख सकता है।

अंतिम एनआरसी की रिपोर्ट में करीब 19.07 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं है, जिसके बाद से देशभर के कई संगठनों व लोगों के अलावा पाकिस्तान ने भी सवाल उठाया है।

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एनआरसी के राज्य समन्वयक कार्यालय ने अपने एक बयान में कहा है कि 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था, जिनमें से 3,11,21,004 लोगों के दस्तावेजों को सही पाया गया और उन्हें एनआरसी में शामिल किया गया है, वहीं 19,06,657 लोगों के दस्तावेज नहीं मिले हैं और इनमें से अधिकतर लोगों ने एनआरसी के लिए आवेदन ही नहीं किया है, लिहाजा उन्हें अभी बाहर रखा गया है। हालांकि तीन महीने का अभी भी अतिरिक्त समय दिया गया है, ताकि वे फिर से कोई दस्तावेज जमा कर सकें।

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