
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह जासूसी की आरोप में जेल में बंद कुलभूषण जाधव को भारतीय राजनयिकों से मिलने दे। बता दें कि पाकिस्तान ने जहां कुलभूषण जाधव को जासूस करार दिया है, वहीं, भारत उन्हें अपना सामान्य नागरिक मानता है। फिलहाल यह मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस में लंबित है। इस मामले में फरवरी में अगली सुनवाई होनी है।
भारत ने रखी मांग
भारत ने अब इस मामले में अपना स्टैंड दोहराते हुए पाकिस्तान से एक बार फिर मांग की है कि वह भारतीय राजनियकों से कुलभूषण जाधव को मिलने दे। दो दिन पहले ही इस मामले में भारत यह डिमांड कर चुका है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत का विदेश मंत्रालय लगातार नजर रखे हुए है। गौरतलब है कि 47 वर्षीय जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में 2017 में मौत की सजा दे दी थी। भारत ने उसी वर्ष मई में उस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पाकिस्तान दे चुका है सजा-ए-मौत
बता दें कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई है। लेकिन भारत समय पर कार्रवाई करते हुए इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ले गया। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारतीय पक्ष को सुनते हुए उस पर प्राथमिक सहमति व्यक्त की और कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में अगले वर्ष 18 से 21 फरवरी तक कुलभूषण जाधव पर सुनवाई होगी। यह सुनवाई दो राउंड में होगी। इसमें पहले भारत को इसमें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा, उसके बाद पाकिस्तान अपना तर्क रखेगा। भारत का दावा है कि उसका पक्ष जरूर सुना जाएगा और पाकिस्तान का झूठ पूरी दुनिया के सामने आ जाएगा।
Published on:
21 Nov 2018 10:40 am
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