
पाकिस्तान: जैश-ए-मोहम्मद ने बनाया हाईटेक ट्रेनिंग सेंटर, मॉडर्न तरीके से तैयार हो रही आतंक की नई फसल
नई दिल्ली।पाकिस्तान में नई सरकार के गठन होने की सरगर्मियों के साथ ही आतंक की फसल लहलहाने लगी है। सेना के समर्थन से पीएम की गद्दी के करीब पहुँच चुके इमरान के तख़्त पर बैठने के पहले आतंक के स्कूलों को मजबूत करने की कोशिश तेज हो गई है।पाकिस्तान से मिल रही एक बड़ी खबर के अबुसार आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद पाकिस्तान के बहावलपुर में 15 एकड़ की भूमि में एक हाईटेक ट्रेनिंग सेंटर बना रहा है। इस सेंटर में हजारों बच्चों को आतंकी बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। यहाँ बच्चों को इस्लाम के लिए कुर्बानी देने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
सैटेलाइट तस्वीरों से पाकिस्तान के पंजाब सूबे के बहावलपुर में एक बड़ी और आलीशान बिल्डिंग बनाये जाने के प्रमाण मिले हैं। तस्वीरों से पता चलता है कि नई बिल्डिंग जैश के वर्तमान मुख्यालय से पांच गुना बड़ी होगी। इस बिल्डिंग का निर्माण तीन महीनों से चल रहा है और कहा जा रहा है कि इस साल के आखिर तक यह निर्माण पूरा हो जाएगा। बता दें कि जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है। वह 2001 संसद हमले और 2016 पठानकोट हमले का मास्टमाइंड है।
इमरान का जैश कनेक्शन
पाकिस्तान में इमरान खान के उभार के बाद जैश की इस नई बिल्डिंग को बनाया जाना क्या केवल एक संयोग है ? रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इमरान और जैश के रिश्ते पुराने हैं। जैश ए मोहम्मद ने चुनावों में इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ का समर्थन किया था।नवाज शरीफ के खिलाफ जमकर प्रचार करने वाले जैश ने उन्हें पाकिस्तान व इस्लाम का गद्दार करार दिया था। नवाज शरीफ के साथ मोदी के रश्तों को लेकर उनकी लानत मानत की गई थी।
पॉश इलाके में जमीन खरीदी जैश ने
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस मदरसे के लिए जैश के प्रमुख मसूद अजहर ने जमीन खरीदी है। जिस जगह जमीन खरीदी गई है वह एक पॉश इलाका है। इस इलाके में जमीन के रेट काफी महंगे बताये जा रहे हैं। मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि बताया कि बिल्डिंग में रसोई, अस्पताल, कमरे, बंकर और इनडोर फायरिंग रेंज, स्विमिंग पूल, तीरंदाजी रेंज और खेल का मैदान आदि सभी तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा यहाँ एक मिनी मिसाइल डेवलपिंग सेण्टर खोले जाने की भी सूचना है।
इस्लाम के नाम पर वसूले गए पैसे
कहा जा रहा है कि इस इमारत को बनाने के लिए हज जाने वालों से पैसे लिए गए थे। फसल उत्पादन पर लगने वाले कर उशर के सहारे भी पैसे जुटाए गए हैं। बता दें कि उशर का सरचार्ज शहीदों, धार्मिक लड़ाकों की मदद के लिए लिया जाता है। इसके लिए बकायदा एक ट्रस्ट बनाया गया जिसे अल रहमत का नाम दिया गया। साथ ही जैश के नेताओं ने जिहाद को शरिया का आदेश बताकर लोगों से पैसे वसूले।
Updated on:
28 Jul 2018 09:47 am
Published on:
28 Jul 2018 09:38 am
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