
इस्लामाबाद। करतारपुर कॉरिडोर के संबंध में पाकिस्तान ने अंतिम मसौदा तैयार कर भारत को भेज दिया है। भारतीय सिख श्रद्धालुओं को लेकर भारत ने कई मसलों पर पाकिस्तान से बात करते हुए कुछ रियायतों की मांग की। इसी में से एक था तीर्थ यात्रियों से वसुलने वाला सुविधा शुल्क को कम करना। लेकिन पाकिस्तान अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
पाकिस्तान करतारपुर आने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं से 20 डॉलर (3120 पाकिस्तानी रुपये) लेने का फैसला किया है। अंतिम मसौदे के मुताबिक, करतारपुर आने वाला हर श्रद्धालु बिना किसी प्रतिबंध के करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग कर सकता है। इसके लिए भारत कम से कम 10 दिन पहले आने वाले तीर्थयात्रियों की एक सूची पाकिस्तान को सौंपेगा, जिसपर पाकिस्तान 4 दिन में जवाब देगा।
करतारपुर कॉरिडोर खुलने की तारीख की घोषणा नहीं
बता दें कि गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाशोत्सव के लिए अब बस कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, लेकिन पाकिस्तान ने अभी भी करतारपुर कॉरिडोर के खुलने की तारीख की आधिकारीक घोषणा नहीं की है। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि 9 नवंबर को इसका उद्घाटन किया जाएगा।
पाकिस्तान ने कहा है कि वह करतारपुर आने वाले हर श्रद्धालु को जीरो प्वाइंट पर परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।
करतारपुर ननकाना साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष ट्रेन का भी इंतजाम किया गया है। भारतीय श्रद्धालु अटारी रेलवे स्टेशन से चलकर वाघा रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। उसके बाद ननकाना साहिब के लिए अपनी यात्रा शुरू करेंगे।
गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव में शामिल होने के लिए कनाडा, ब्रिटेन समेत दुनिया के अलग अलग देशों से सिख श्रद्धालुओं के पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। विदेशों से आने वाले श्रद्धालु भी वाघा बॉर्डर के रास्ते ही पाकिस्तान जाएंगे।
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Updated on:
15 Oct 2019 08:51 am
Published on:
14 Oct 2019 08:38 pm
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