बांग्‍लादेश: जूस फैक्टरी में आग लगने से 52 लोगों की मौत, 50 से ज्‍यादा घायल

नारायणगंज जिले के रूपगंज में गुरुवार शाम को शेजान ब्रांड की मैंगो जूस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

By: Mohit Saxena

Published: 09 Jul 2021, 07:59 PM IST

ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में एक छह मंजिला मैंगो जूस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 52 लोगों की मौत हो गई और वहीं करीब 50 से अधिक लोग घायल हो गए। गुरुवार को नारायणगंज जिले के रूपगंज में शाम साढ़े पांच बजे के करीब शेजान ब्रांड की मैंगो जूस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग में कई लोगों की जलकर मौत हो गई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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आग ने भीषण रूप ले लिया

ऐसा बताया जा रहा है कि आग ग्राउंड फ्लोर से ही फैली। इसके बाद ऊपर की मंजिलों में आग लग गई। यहां पर जमा प्लास्टिक और रसायनों की वजह से आग ने भीषण रूप ले लिया। इस भयानक आग से बचने के लिए फैक्ट्री में काम करने वाले तीन मजदूरों ने छत से नीचे छलांग लगा कर जान गंवा दी।

आग बुझाने के लिए 18 दमकल गाड़ियां लगाईं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाशिम फूड लिमिटेड की फैक्ट्री बांग्लादेश के मल्टीनेशनल सजीब ग्रुप की ईकाई हाशिम फूड एंड बेवरेजेस की इस फैक्ट्री में आम के रस के शीतल पेय बनाया जाता है। इसका ब्रांड नेम शेजान है। इस अग्निकांड को काबू पाने के लिए अग्निशमन दल की 18 गाड़ियां लगाई गईं।

गौरतलब है कि फैक्ट्री में आग से सुरक्षा का कोई भी उपकरण नहीं था। जिले के फायर सर्विस के उप निदेशक अब्दुल्ला अल अरेफिन के अनुसार आग पर पूरी तरह से काबू पाने में काफी समय लग गया। शुक्रवार की सुबह पांचवीं और छठी मंजिल पर एक बार फिर से आग भड़की, इसे बाद में बुझा लिया गया।

इमारत में सब जलकर नष्ट हो गया

फैक्ट्री से काला धुआं काफी देर तक आसमान में दिखाई दिया। इस दौरान इमारत में सब जलकर नष्ट हो गया। नारायणगंज जिला अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा के उप निदेशक मोहम्मद अब्दुल अल अरेफिन का कहना है कि एक वेल्डिंग मशीन में आग लगने से यह हादसा होने की जानकारी मिली है। राहत और बचाव का काम अभी भी जारी है।

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फैक्‍टरी का निकास गेट बंद था

हादसे में बचाए गए मजदूरों के साथ उनके परिजनों का आरोप है कि आग लगने के समय फैक्‍टरी का निकास गेट बंद था। श्रमिकों का दावा है कि इमारत में आग से सुरक्षा के कोई उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। इस दौरान इमारत में फंसे लोगों को निकालने में देरी को लेकर तोड़फोड़ की घटना सामने आई।

Mohit Saxena
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