China को घेरने के लिए अमरीका का ऐलान, मालदीव में खोलेगा दूतावास

Highlights

  • माइक पोम्पियों (Mike Pompeo) ने कहा कि मालदीव के लोगों के साथ दोस्ती को बहुत ज्यादा महत्व देते हैं।
  • अमरीकी विदेश मंत्री का कहना है कि इस साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाया जाऐगा।

By: Mohit Saxena

Updated: 29 Oct 2020, 09:36 AM IST

माले। चीन (China) की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अमरीका मालदीव से करीबी रिश्ते स्थापित करने की कोशिश में लगा है। बुधवार को अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने मालदीव में जल्द एक दूतावास खोलने का ऐलान किया है।

दोनों देशों ने कुछ सप्ताह पहले अहम रक्षा सहयोग समझौते पर सहमति जताई थी। मालदीव के लिए अमरीकी दूतावास सेवाएं वर्तमान में श्रीलंका के कोलंबो स्थित अमरीकी दूतावास से मौजूद हैं।

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बड़ी प्रगति हासिल की: पोम्पियो

पोम्पियो ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें माले में दूतावास खोलने की योजना का ऐलान करते हुए बहुत खुशी हो रही है। 1966 में हमारे राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से हमने देखा है कि मालदीव ने लोकतांत्रिक संस्थानों का समर्थन करने में बड़ी प्रगति हासिल की है।'

बीते दिनों पोम्पियो भारत और श्रीलंका से होते हुए यहां पहुंचे थे। उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा की और कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहीम मोहम्मद सोलिह के साथ 'शानदार' मुलाकात की।

साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश

पोम्पियो ने राष्ट्रपति सोलिह से मुलाकात के बाद एक ट्वीट में कहा कि माले में राष्ट्रपति सोलिह के साथ शानदार बैठक की। उन्होंने मालदीव में अमरीकी दूतावास खोलने की हमारी योजना के बारे में एक ऐतिहासिक घोषणा की। मालदीव के लोगों के साथ हम अपनी दोस्ती को बहुत ज्यादा महत्व देते हैं और इस साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश होगी।

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पोम्पियो ने मालदीव की यात्रा से पहले लिखा था कि वह मालदीव की यात्रा से'रोमांचित' थे। उन्होंने कहा,'लगभग तीन दशकों में मालदीव का दौरा करने वाला पहले विदेश मंत्री होने के कारण वे रोमांचित हैं।'

मालदीव में इस समय ब्रिटेन, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, सऊदी अरब, जापान और चीन के निवासी राजनयिक मिशन मौजूद हैं। हिंद महासागर में चीनी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी को लेकर अमरीका और मालदीव ने सितंबर में एक रक्षा सहयोग समझौता किया था।

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