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मोदी और जिनपिंग के बीच जल्द हो सकती है ‘वुहान जैसी’ मुलाकात, वाराणसी का नाम सबसे आगे

मोदी और जिनपिंग के बीच वुहान जैसी अनौपचारिक मुलाकात संभव तारीख और स्थल को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी राजनयिक चैनलों के माध्यम से दोनों पक्ष संपर्क में हैं

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मोदी और जिनपिंग के बीच जल्द हो सकती है वुहान जैसी मुलाकात, वाराणसी का नाम चर्चा में

बीजिंग। लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ( Narendra modi ) की बड़ी जीत के बाद चीन ने भारत को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( Xi Jinping ) के बीच वुहान ( Wuhan ) जैसी अनौपचारिक मुलाकात हो सकती है। इसके लिए जगह और समय का चुनाव होना बाकी है। बैठक के लिए तारीख और स्थल को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देश राजनयिक चैनलों के माध्यम से दोनों पक्ष संपर्क में हैं। जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। गौरतलब है कि भारत में मोदी की प्रचंड जीत के बाद से चीन की रणनीति बदल रही है। वह भारत के निकट आने का प्रयास कर रहा हैै। इसका कारण है कि भारत की कूटनीति से पूरा विश्व सहमत होता दिखाई दे रहा है।

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अक्टूबर में मिल सकते हैं मोदी और जिनपिंग

हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस साल अक्टूबर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आने वाले हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद ये चीन के साथ पहली अनौपचारिक वार्ता होगी। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के लिए पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को चुना है। 11 अक्टूबर को वाराणसी में जिनपिंग और मोदी के बीच ये वार्ता हो सकती है।

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चीन के वुहान प्रांत में दो दिन बिताए थे

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की तरफ से इस वार्ता को वाराणसी में आयोजित करने के लिए चीनी सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मगर चीनी सरकार ने इस पर सहमति नहीं दी है। उन्हें ये प्रस्ताव बेहद पसंद आया है। गौरतलब है कि 27 से 28 अप्रैल 2018 में मोदी और जिनपिंग ने चीन के वुहान प्रांत में दो दिन बिताए थे। हालांकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पार्लियामेंट्री बोर्ड में इस प्रस्ताव को पेश कर दिया गया है। वाराणसी को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। जिनपिंग ने भी मोदी को शीमेन प्रांत का दौरा कराया था। यहीं से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की थी। इससे पहले मोदी ने साल 2014 में अपने गृह राज्य गुजरात के अहमदाबाद में जिनपिंग के साथ वक़्त बिताया था।

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जून में भी होगी मुलाकात

अक्टूबर से पहले जिनपिंग और मोदी की मुलाक़ात शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) सम्मेलन के दौरान किर्गिस्तान के बिश्केक में होने जा रही है। सम्मलेन 13 से 14 जून को बिश्केक में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिनपिंग ही नहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और मोदी की द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है।

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