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मुशर्रफ राजद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, फैसले को रद्द करने की मांग

विशेष अदालत ने 17 दिसंबर, 2019 को मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई थी

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Pervez Musharraf

परवेज मुशर्रफ

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने गुरुवार को एक विशेष कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। विशेष कोर्ट ने कुछ समय पहले ही मुशर्रफ को राजद्रोह मामले में दोषी करार देते हुए मौत की सजा दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुशर्रफ ने 90 पृष्ठों की आपराधिक अपील में ट्रायल को संविधान और दंड संहिता 1898 का सरासर उल्लंघन बताया। इसलिए उन्होंने विशेष अदालत के फैसले को रद्द करने की मांग की।

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अपील में कहा गया है कि कोई अन्य उपाय,जो माननीय कोर्ट को उचित लगता हो,उसे भी मंजूर किया जा सकता है। लाहौर हाईकोर्ट (एलएचसी) ने सोमवार को विशेष अदालत के गठन को ही असंवैधानिक बता दिया था। इस्लामाबाद स्थित विशेष अदालत ने 17 दिसंबर, 2019 को मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई थी।

पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी सैन्य प्रमुख को उच्च राजद्रोह का दोषी घोषित किया गया। उसे मौत की सजा दी गई। मुकदमे की सुनवाई शुरू होने के छह साल बाद मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई गई। तत्कालीन पीएमएल-एन सरकार द्वारा तीन नवंबर 2007 को संविधान को निलंबित करने के लिए यह मामला दायर किया गया था। इस दौरान मुशर्रफ ने देश में आपातकाल लगाया था।

फैसले के बाद की अपनी याचिकाओं में मुशर्रफ ने एलएचसी से कहा था कि वह विशेष अदालत के असंवैधानिक फैसले को अलग रखे। उन्होंने अपनी याचिका पर निर्णय होने तक फैसले को रद्द करने की भी मांग की। पूर्व सैन्य प्रमुख फिलहाल दुबई में हैं। पिछले महीने उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।