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पाकिस्तान: कायम हो रही है एकता और भाईचारे की मिसाल, मंदिर में हिंदू बच्चों को पढ़ा रहे मुस्लिम टीचर

यह स्कूल इनिशिएटर ह्यूमन डेवलॅपमेंट फाउंडेशन नाम की गैर लाभकारी संस्था द्वारा मंदिर में शुरू किया गया है।इसका उद्देश्य यह है कि समाज के वंचित बच्चों को भी शिक्षा मिल सके।

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Pakistan temple

पाकिस्तान: कायम हो रही है एकता और भाईचारे की मिसाल, मंदिर में हिंदू बच्चों को पढ़ा रहे मुस्लिम टीचर

कराची। पाकिस्तान के कराची में एक अनोखा मामला सामने आया है। कराची शहर में एक हिन्दू मंदिर में बने स्कूल में मुस्लिम टीचर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इस मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा है। इस मंदिर में मुस्लिम अध्यापक आते हैं और हिन्दू बच्चों को शिक्षा देते हैं।

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यह स्कूल इनिशिएटर ह्यूमन डेवलॅपमेंट फाउंडेशन नाम की गैर लाभकारी संस्था द्वारा मंदिर में शुरू किया गया है।इसका उद्देश्य यह है कि समाज के वंचित बच्चों को भी शिक्षा मिल सके। बताया जा रहा है कि इस स्कूल में हिन्दू बच्चों के ऊपर अपने धर्म को मानने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है। इस स्कूल में हिन्दू बच्चे मुस्लिम टीचरों के अभिवादन का जवाब 'जय श्री राम' कहकर से देते हैं। पाकिस्तान के कराची में स्थित एक हिंदू मंदिर के अंदर शुरू हुए स्कूल में रोज दिन की शुरुआत इसी तरह होती है। कभी मंदिर के अंदर पैर न रखने वाले मुस्लिम शिक्षक अब बेधड़क इस मंदिर में आते हैं।

ज्यादातर बच्चे गरीब

इस मंदिर में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे हिंदू समुदाय की पिछड़ी जातियों के परिवारों से आते हैं। एक मुस्लिम टीचर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि "यह मेरे लिए यह गर्व की बात है कि हिंदू समुदाय मुझे अपने बच्चों को पढ़ाने दे रहा है।" बताया जा रहा है स्थानीय हिंदू समुदाय ने ही इनिशिएटर ह्यूमन डेवलॅपमेंट फाउंडेशन संस्था को मंदिर के अंदर स्कूल खोलने का प्रस्ताव दिया। यह कराची का एक बेहद पिछले इलाका था और इस इलाके में न तो कोई सरकारी और न ही प्राइवेट स्कूल खुला था।

क्या पाकिस्तान में बदल रही है फिजा ?

कहा जा रहा है कि धीरे-धीरे ही सही लेकिन पाकिस्तान में बीते कुछ सालों से फिजां बदल रही है। बीते साल इसी स्कूल में शिक्षकों और उनके हिंदू छात्रों ने होली, रक्षाबंधन, दिवाली और अन्य त्योहार मनाए। मंदिर के पुजारी रूप चंद का कहना है कि यह मंदिर मानवता की सेवा करने के लिए बनाया गया है। यहां सबका स्वागत होता है। वह कहते हैं कि इस मंदिर में मुस्लिम अध्यापकों द्वारा हिंदुओं को पढ़ाया जाना सांस्कृतिक विविधता का बड़ा उदाहरण है।

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इस स्कूल में 93 हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं। यहाँ पर शिक्षक अपने छात्रों को बुनियादी शिक्षा दे रहे हैं। यहाँ के शिक्षकों की कोशिश है कि आगे जाकर बच्चे सरकारी स्कूल में दाखिला पा सकें।