
तनाव खत्म करने के लिए मिले उत्तर और दक्षिण कोरिया के सैन्य प्रमुख
सियोल। दक्षिण और उत्तर कोरिया ने सीमा पर तनाव कम करने के तरीकों पर चर्चा के लिए गुरुवार को पहली उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता शुरू की। बीते 10 से अधिक वर्षो में हुई इस तरह की यह पहली वार्ता है। समाचार एजेंसी के अनुसार दक्षिणी कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। यह बैठक दोनों कोरियाई देशों के बीच सीमावर्ती गांव पनमुनजोम में गुरुवार सुबह 10 बजे हुई।
तनाव कम करने पर तैयार हुए दोनों देश
दोनों पक्षों के बीच दिसंबर 2007 के बाद से यह पहली वार्ता है।दक्षिण कोरिया के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल किम दो-ग्युन ने किया । उत्तर कोरिया की तरफ से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल एन इंक-सान ने किया। किम ने वार्ता शुरू होने से पहले मीडिया को बताया कि "हमारी दोनों कोरियाई देशों के बीच सैन्य तनाव को कम करने और पनमुनजों घोषणा के तहत रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक की व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा करने की योजना है।"
भरोसे के संकट से उबरने में लगेगा वक्त
दोनों देशों के बीच लम्बे समय तक जारी रहे भरोसे के संकट से निकलना एक बड़ी चुनौती होगी। दोनों देश यह दावा करते हैं कि जल्द ही उनके बीच संबंध सामन्य हो जाएंगे लेकिन रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो दोनों देशों के बीच एक दूसरे पर भरोसा बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।
ट्रंप के बयान से दक्षिण कोरिया को राहत
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच हुई शिखर वार्ता का असर अब दिखने लगा है। उनसे मुलाकात के बाद और वाशिंगटन वापस लौटने पर ट्रंप ने घोषणा की कि किम जोंग उन के साथ ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद उत्तर कोरिया अब अमरीका के लिए कोई परमाणु खतरा नहीं रहा। ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा है कि सिंगापुर से अभी-अभी अमरीका लौटा हूं, लेकिन मेरे कार्यभार संभालने के दिन के मुकाबले अब हर कोई अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।
बताया जा रहा है कि ट्रम्प के इस बयान के बाद ही दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर भरोसा करते हुए बातचीत की पेशकश को स्वीकार किया।
Published on:
14 Jun 2018 02:55 pm
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