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उत्तर कोरिया मई में बंद करेगा परमाणु परीक्षण स्थल, पहली बार विदेशी मीडिया को दिया न्योता

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात होने जा रही है।

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नई दिल्ली : अमरीका और उत्तर कोरिया के रिश्तों पर पड़ी कड़वाहट की बर्फ अब धीरे-धीरे पिघल रही है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की मुलाकात होने जा रही है। इस ऐतिहासिक क्षण से पहले उत्तर कोरिय भी ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। कोरिया ने अपने परीक्षण स्थल को खत्म करने की बात कही है। परमाणु निशस्तरीकरण की तरफ बढ़ते हुए उत्तर कोरिया ने शनिवार को परीक्षण स्थल ध्वस्त करने के कार्यक्रम का ऐलान किया है। कहा जा रहा है कि मौसम सही रहा था 23 से 25 मई के मध्य देश के पुंगेरी स्थित परमाणु परीक्षण स्थल को नष्ट कर दिया जाएगा। ये कदम उत्तर कोरिया की परमाणु परीक्षण न करने की चाहत को दिखा रहा है

परीक्षण स्थल पर पहली बार पहुंचेगी विदेशी मीडिया

उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक परीक्षण स्थल पर बनी सुरंगों को खत्म किया जाएगा। वहां जाने वाले रास्तों को रोक दिया जाएगा। निरीक्षण की सुविधाओं का अंत होगा। शोध के लिए बनाई गई इमारत और सुरक्षा चौकियों को भी नष्ट किया जाएगा। घोषणा में कहा गया है, "परमाणु हथियार संस्थान और अन्य संबंधित संस्थान परमाणु परीक्षण को बंद करने की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और डीपीआरके के उत्तरी परमाणु परीक्षण मैदान को खत्म करने के लिए तकनीकी उपाय कर रहे हैं"। इस कार्रवाई को देखने के लिए दुनियाभर के पत्रकार भी पहुंचेंगे। अमरीका, दक्षिण कोरिया व दूसरे देशों के पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया है। आमतौर पर गोपनीय तरीके से योजनाओं को अंजाम देने वाले उत्तर कोरिया में इस तरह से पहली बार विदेशी मीडिया को आमंत्रित करके कोई कार्य पूरा किया जाएगा।

12 जून को होगी ट्रंप – किम की मुलाकात

दुनिया के सुपरपॉवर देश अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की मुलाकात होने जा रही है। मुलाकात सिंगापुर में 12 जून को होगी। इस मुलाकात पर पुरी दुनिया के नजरें टिकी हुई हैं। मुलाकात से कुछ महीने पहले तक दुनिया पर महाविनाश का खतरा मंडरा रहा था। परमाणु युद्ध की आशंकाएं गहरा रही थीं। लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता सब सामान्य होता गया। बता दें कि पिछले महीने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने पर राजी हुए थे।