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‘एकाकी मौत’ के शिकार हो रहे दक्षिण कोरियाई बुजुर्ग, कई दिन बाद मिलता है शव

दक्षिण कोरिया में हजारों लोगों के शव इनके मरने के कई दिन या महीने बीतने के बाद मिलते हैं। यह 'गोडोकसा' (Godoksa) या 'एकाकी मौत' (Lonely Death) है। सरकार ऐसी मौतों को रोकने के लिए पिछले कई वर्षों से जूझ रही है लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है।

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Amit Purohit

Dec 19, 2022

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दक्षिण कोरियाई कानून के तहत, 'गोडोकसा' (Godoksa) या 'एकाकी मौत' (Lonely Death) वह है, जिसमें कोई अकेला रहता है, परिवार या रिश्तेदारों से कट जाता है, आत्महत्या या बीमारी के कारण मर जाता है और उसकी मृत देह 'एक निश्चित समय' बीतने के बाद ही मिलती है। अधेड़ व बुजुर्ग ऐसी मौतों के अधिक शिकार हैं।

पिछले साल 3,378 हुए शिकार
पिछले एक दशक में इस मुद्दे ने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि लोनली डेथ ने की संख्या में वृद्धि हुई है। दक्षिण कोरिया के स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल देश में ऐसी मौतों की संख्या 3,378 दर्ज की गई, जो 2017 में 2,412 थी। सरकार द्वारा 2021 में लोनली डेथ प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट एक्ट लागू करने के बाद मंत्रालय की यह पहली रिपोर्ट थी।

इस चलन के पीछे क्या है वजह
प्रवृत्ति के पीछे के कारकों में देश का जनसांख्यिकीय संकट, सामाजिक कल्याण में अंतराल, गरीबी और सामाजिक अलगाव शामिल हैं। कोविड—19 महामारी के बाद यह समस्या और उभर कर सामने आई है। मध्यम आयु वर्ग के और बुजुर्ग पुरुष विशेष रूप से जोखिम में दिखाई देते हैं। लोनली डेथ वाले पुरुषों की संख्या 2021 में महिलाओं की तुलना में 5.3 गुना थी।

जन्म-दर गिर रही, बुजुर्ग खतरे में
देश की जन्म दर 2015 से लगातार गिर रही है, विशेषज्ञ कार्य संस्कृति की मांग, रहने की बढ़ती लागत और लोगों को माता-पिता बनने से रोकने के लिए स्थिर मजदूरी जैसे विभिन्न कारकों को दोष दे रहे हैं। साथ ही, कार्य बल सिकुड़ रहा है, जिससे यह आशंका बढ़ रही है कि स्वास्थ्य देखभाल और घरेलू सहायता जैसे क्षेत्रों में बढ़ती बुजुर्ग आबादी का समर्थन करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं होंगे। इस विषम आयु वितरण के कुछ परिणाम स्पष्ट हो रहे हैं, लाखों वृद्ध निवासी अपने दम पर जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

श्रम बाजार से हो रहे बाहर
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के अनुसार 2016 तक, 65 वर्ष से अधिक आयु के 43% से अधिक कोरियाई गरीबी रेखा के नीचे थे। यह अन्य ओईसीडी देशों के राष्ट्रीय औसत से तीन गुना से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार अधेड़ और बुजुर्ग कोरियाई लोगों का जीवन तेजी से बिगड़ जाता है, जब वे श्रम बाजारों से बाहर हो जाते हैं। यह बेरोजगारी एकाकी मौत का एक प्रमुख कारण है।