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कश्मीर मुद्दे पर नर्म हुआ पाकिस्तान, विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को दिया बातचीत का न्यौता

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इमरान खान ने भी कहा था कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारना चाहता है।

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shah mahmood qureshi

कश्मीर मुद्दे पर नर्म हुआ पाकिस्तान, विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को दिया बातचीत का न्यौता

पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने पद ग्रहण करते ही सक्रिय हो गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कश्मीर का मुद्दा जल्द हल कराने का दावा किया था। जानकारों के अनुसार- उनके प्रधानमंत्री बनते ही अब पाकिस्तान का इस मामले पर नर्म रुख सामने आने लगा है। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक प्रेस वार्ता में कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की पेशकश की है। पत्रकारों से बातचीत में उन्‍होंने कहा- "मोदी जी आइए बातचीत करें।'

पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्‍न हैं। मैं पीएम मोदी से कहना चाहता हूं कि दोनों देश हमसाया हैं। दोनों देशों की समस्याएं एक जैसी हैं और दोनों ह एक दूसरे से मुंह नहीं फेर सकते।

पीएम की ओर से बधाई देने का मामला
पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल ने कुरैशी के हवाले से अपनी खबर में कहा है कि भारत और पाकिस्तान को अपने यथार्थवादी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यह भी दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखा, जिसमें दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने के संकेत दिए हैं। किंतु भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में कुरैशी के इस बयान का खंडन किया गया है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान के नए पीएम इमरान खान को पीएम मोदी ने केवल शुभकामनाएं देने के लिए पत्र लिखा था। उसमें अन्य किसी भी बात का जिक्र नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार- कुरैशी ने यह भी कहा है कि दोनों देशों के बीच के मचले उलझे हुए हैं और इन्हें हल करते समय समस्याएं आ सकती हैं। इसके बावजूद हूं साथ आना होगा। साथ ही यह भी स्वीकारना होगा कि दोनों देश समस्याओं से घिरे हुए हैं। दोनों देशों को कश्मीर की सच्चाई को भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्‍लामाबाद समझौता हमारे देश के इतिहास का एक हिस्‍सा है।'

बता दें, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में स्पष्ट तौर पर कहा था कि उनकी सरकार नेशनल एक्‍शन प्‍लान के तहत आतंकवाद से लड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसमें संधोधन करके सशक्‍त बनाया जाएगा। संबोधन में उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्ताान अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारना चाहता है।