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पाकिस्तान: भारत की दरियादिली, गलती से सीमा पार करने वाले किशोर को भेजा वापस

मुबशर बिलाल फरवरी 2018 में अनजाने में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में आ गया था बिलाल पाकिस्तान के कसूर जिले ( Pakistan’s Kasur district ) का रहने वाला है

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Sajjad Haider and Mubshar Bilal

Mubshar Bilal

इस्लामाबाद। भारत ने एक बार फिर से दरियादिली का परिचय दिया है। भारत ने मंगलवार को दो पाकिस्तानी किशोर को सकुशल वापस उनके देश भेजा, जो गलती से सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में आ गया था।

दोनों की पहचान मुबशर बिलाल ( Mubshar Bilal ) और सज्जाद हैदर ( Sajjad Haider ) के तौर पर हुई है। बिलाल ने अपनी रिहाई के समय कहा कि वह भारत में फिर से आना पसंद करेगा, लेकिन वीजा के साथ।

बिलाल को करीब दो वर्षो तक भारत में एक जुवेनाइल होम में रहने के बाद अटारी वाघा सीमा पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया, जिसके बाद वह वाघा बॉर्डर के रास्ते अपने वतन लौट गया।

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अपनी सुरक्षित वापसी के लिए भारतीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए बिलाल ने स्वदेश लौटने से पहले मीडिया से कहा कि वह अपने परिवार से मिलने को लेकर उत्साहित है, जिसमें उसके भाई, बहन और मां शामिल हैं।

2018 में गलती से भारतीय क्षेत्र में आ गया था बिलाल

मुबशर बिलाल फरवरी 2018 में अनजाने में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में आ गया था। उसके बाद उसे पंजाब के होशियारपुर शहर स्थित एक किशोर गृह में अपने दिन बिताने पड़े।

बिलाल को अमृतसर से लगभग 30 किमी. दूर भारत और पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा संयुक्त चेक पोस्ट पर पाकिस्तान रेंजर्स को सौंप दिया गया। बिलाल पाकिस्तान के कसूर जिले ( Pakistan’s Kasur district ) का रहने वाला है।

अपनी रिहाई से उत्साहित बिलाल ने मीडिया से कहा, 'मेरा ख्याल रखने और मेरी सुरक्षित वापसी के लिए मैं भारतीय अधिकारियों का शुक्रगुजार हूं। मैं भारत वापस आना पसंद करूंगा, लेकिन पासपोर्ट और वीजा मिलने के बाद।’

तरनतारन जिले में प्रवेश किया था बिलाल

बिलाल के स्वदेश लौटने से संबंधित एक मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है और इसे 15 जनवरी को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध भी किया गया है। सुनवाई से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किशोर गृह के अधिकारियों से संपर्क कर उसकी वतन वापसी की राह सुनिश्चित कर दी।

कानूनी-सह-परिवीक्षा अधिकारी सुखजिंदर सिंह ने बताया कि लड़के को चार सितंबर, 2018 को किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बरी कर दिया गया था।

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बिलाल ने कहा कि उसने अपने परिवार के साथ विवाद के बाद 27 फरवरी, 2018 की रात को अनजाने में भारतीय तरनतारन जिले में प्रवेश कर लिया था। उसका घर भारतीय क्षेत्र के करीब स्थित है और वहां कोई बाड़ भी नहीं है।

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