27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पाकिस्तान: पत्रकारों ने नौकरी जाने पर जताया अनोखा विरोध, संसद के बाहर लगाई पकौड़े की दुकान

पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों में लगातार हो रही नौकरियों में कटौती के खिलाफ पत्रकारों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Siddharth Priyadarshi

•

Updated: 31 Oct 2018, 3:06 PM IST

pakoda protest

पाकिस्तान: पत्रकारों ने नौकरी जाने पर जताया अनोखा विरोध, संसद के बाहर लगाई पकौड़े की दूकान

लाहौर। पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों में लगातार हो रही नौकरियों में कटौती के खिलाफ पत्रकारों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। नौकरी से निकाले गए पत्रकारों ने पाकिस्तानी संसद के बाहर पकड़े बेचकर सरकार के सामने अपना विरोध जताया है। पत्रकारों ने पाक संसद के सामने पहले पकौड़े तले और उसके बाद वहीं कुछ दूर एक स्टाल लगाकर उनकी विक्री शुरू कर दी।

भारत: परमाणु बम से लैस अग्नि-1 मिसाइल दुश्‍मन देशों पर बरपा सकता है 'कहर'

पाकिस्तानी पत्रकारों का अनोखा प्रदर्शन

पाकिस्तान में इन दिनों मीडिया की नौकरियों से कई पत्रकारों को निकाला गया है। डॉन न्यूज पेपर की रिपोर्ट के मुताबिक पड़ोसी मुल्क में इस वक्त पत्रकारों पर काफी दबाव है।कई पत्रकारों को हाल में ही नौकरी से निकाला गया है। इन पत्रकारों में से कुछ ने संसद भवन के सामने पकौड़े का स्टाल लगाया। उन्होंने बाकायदा दुकान लगाकर पकौड़े बेंचे। पत्रकारों का आरोप है कि पाकिस्तान में इमरान खान के सत्ता में आने के बाद मीडिया संस्थानों पर दबाव बढ़ा है। पत्रकारों के मुताबिक देश के कुछ भागों में मीडिया चैनलों का प्रसारण रोक दिया गया है। इमरान सरकार पर आरोप है कि उसने सरकारी विज्ञापनों के रूप में दी जा रही सब्सिडी पर भी रोक लगा दी है। इसके चलते पत्रकारों को देर से वेतन मिल रहा है।

Video: सरदार पटेल की प्रतिमा पर हुआ लेजर शो का आयोजन, देखें शानदार वीडियो

बिलावल भुट्टो का समर्थन

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के मुखिया बिलावल भुट्टो पत्रकारों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बात की और उनको इस समस्य से निजात दिलाने के भरोसा दिलाया। उन्होंने पत्रकारों पर हो रहे हमले पर भी चिंता जताई। आपको बता दें कि बता दें कि पिछले सप्ताह एक वरिष्ठ स्थानीय पत्रकार को तीन अन्य लोगों के साथ खैबर पख्तूनख्वा में गोली मार दी गई ।