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सियासी जीत के लिए पाकिस्तानी नेता मांग रहे हिंदुस्तान की सूफी दरगाहों में मन्नत

पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव से पहले वहां के नेता हिंदुस्तान की सूफी दरगाह में जीत की दुआ मांग रहे हैं।

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Pakistan leaders visiting Indian Shrines for blessing to win Election

Pakistan leaders visiting Indian Shrines for blessing to win Election

नई दिल्ली। आगामी 25 जुलाई से पाकिस्तान में आम चुनाव शुरू हो रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान में होने वाले इस चुनाव का हिंदुस्तान से भी बड़ा संबंध है। दरअसल चुनाव में खड़े हुए कई उम्मीदवार जीत के लिए हिंदुस्तान की मशहूर दरगाहों में मन्नत मांग रहे हैं। इनमें दिल्ली और राजस्थान की सूफी दरगाह शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के नेता आम चुनाव में जीत की मन्नत मांगने के लिए दिल्ली स्थित ख्वाजा निजामुद्दीन चिश्ती और राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर जा रहे हैं।

पंजाब प्रांत के साहीवाल से चुनाव लड़ रहे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की पार्टी के उम्मीदवार सैय्यद इमरान शाह वाली ने घोषणा की है कि अगर वो चुनाव में जीते तो वो भारत स्थित दरगाह में चादर चढ़ाने आएंगे। दो बार के सांसद रह चुके वाली ने अजमेर की दरगाह में अपने मौलवी के जरिये मन्नत मांगी हैै।

वहीं, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी राजा परवेज अशरफ इस बार रावलपिंडी से चुनाव लड़ रहे हैं और यहां पर वो त्रिकोणीय मुकाबले का सामना कर रहे हैं। इन्होंने भी अपने मौलवी के जरिये अजमेर शरीफ की दरगाह में मन्नत मांगी है। 2013 में बतौर प्रधानमंत्री अशरफ इस दरगाह में आ चुके हैं और अब वो दूसरी बार अपने परिवार के साथ यहां आने की योजना बनाए हुए हैं।

उनका कहना है, "मेरी इकलौती ख्वाहिश और प्रार्थना है कि पार्टी इस चुनाव में सबसे बड़ी इकलौती पार्टी के रूप में सामने आ जाए। हमारी पार्टी पड़ोसियों विशेषकर भारत के साथ अच्छे संबंध बरकरार रखने के लिए संकल्पित है।"

वहीं, अजमेर शरीफ में पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत अन्य राजनेताओं की ओर से सजदा करने वाले खादिम सैयद बिलाल चिश्ती कहते हैं कि उनके पास इबादत करने के लिए पड़ोसी मुल्क के ढेरों नेताओं ने संपर्क किया है। वे कहते हैं, "हमारी दुआएं उन दलों के साथ है जो सूफी संत के बताए रास्ते पर चलेंगे और समतावादी समाज की दिशा में काम करेंगे।"