सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी में कहा कि उन्होंने संविधान के हिसाब से काम किया लेकिन जजों को भारत का एजेंट बताया गया। गौरतलब है कि इमरान सरकार ने आर्मी चीफ के कार्यकाल को जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई है,उस पर मीडिया ने जमकर आलोचना की है। पाकिस्तान के कई अखबारों ने शुक्रवार को लिखा कि इमरान सरकार में लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है।