
कोलंबो।श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ( ranil wickremesinghe ) ने बुधवार को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ( sushma swaraj ) के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय नीति के उद्देश्यों को हासिल करने के उनके प्रयासों ने श्रीलंका की जनता के बीच एक स्थायी छाप छोड़ी है।
रानिल विक्रमसिंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) को भेजी गई संवेदना में दुख व्यक्त किया है।
रानिल विक्रमसिंघे ने कहा 'मैं हमेशा सुषमा स्वराज को श्रीलंका के एक सच्चे दोस्त, पड़ोसी और श्रीलंका के एक रिश्तेदार के रूप में जानता हूं, जो एक शानदार व्यक्तित्व रखती थीं।'
विक्रमसिंघे ने कहा कि स्वराज ने द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए क्षेत्रीय नीति के उद्देश्यों को प्राप्त करने में रुचि रखते हुए श्रीलंका की जनता के बीच स्थायी प्रभाव बनाया।
उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच मित्रता का स्तर अधिक ऊंचाइयों तक पहुंची है।
दिल दौरा पड़ने से हुआ निधन
बता दें कि मंगलवार की रात दिल का दौरा पड़ने के कारण सुषमा स्वराज का 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा (तब के पंजाब) में अंबाला छावनी में हुआ था।
सुषमा एक कुशल राजनेता के तौर पर भारत की राजनीति में उभर कर सामने आईं। अपने राजनीतिक कौशल से वे सत्तापक्ष के साथ ही विपक्षी दलों के दिलों में राज करती थीं।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुषमा के नाम दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने की उपलब्धि भी दर्ज है।
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Updated on:
07 Aug 2019 11:16 pm
Published on:
07 Aug 2019 06:58 pm

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