26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तानी की राजधानी में लगे आजादी के नारे, भूख हड़ताल पर बैठे हजारों लोग

पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग पाक सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

2 min read
Google source verification
Sindhi protest

पाकिस्तानी की राजधानी में लगे आजादी के नारे, भूख हड़ताल पर बैठे हजारों लोग

इस्लामाबादः पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बुधवार को आजादी के नारे लगे। दरअसल पाकिस्तान में सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ता लगातार गुमशुदगी के शिकार हो रहे हैं। इसी को लेकर सैकड़ों की संख्या में सिंधी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गुमशुदी के पीछे पाक सरकार का हाथ है। रैली में छात्रों ने गुमशुदा सिंधी लोगों की रिहाई की भी मांग की है। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग तीन दिन की भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पाकिस्तान सरकार पर आतंकवाद बढ़ाने का भी आरोप लगाया है।

ये भी पढ़ेंः कनाडा: ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है... स्लोगन के साथ पाक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

सिंध प्रांत में 1200 लोग लापता
पाकिस्तान के सिंध सरकार की तरफ से जारी एक आंकड़े के अनुसार साल 2010 से अब तक 1200 से अधिक सिंधी लोगों के गुमशुदी के मामले दर्ज किए गए। जबकि फरवरी 2017 से अब तक 160 लोगों के लापता होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है गुमशुदा हुए लोगों में ज्यादातर मानवाधिकार और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। गायब होने वाले लोगों में स्थानीय पत्रकार भी शामिल हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि इन सभी लोगों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। जिसके बाद इन्हें गायब कर दिया गया।

ये भी पढ़ेंः PoK में लगे आजादी के नारे, पाक सेना के खिलाफ फिर फूटा लोगों का आक्रोश

कैद करने का लगाया आरोप
इस्लामाबाद में प्रदर्शन कर रहे सिंधी छात्रों ने पाक सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। छात्रों का कहना है कि जिन लोगों ने सरकार की खुले तौर पर आलोचना की उसका अपहरण कर कैद करके रखा गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ही इन लापता लोगों को कहीं गोपनीय ठिकानों पर छिपाकर रखा है। फिलहाल छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की जांच की मांग की है।