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चीन को सियाचिन तक पहुंचाने वाली पीओके में बनी सड़क पर मोदी सरकार ने मांगी खुफिया रिपोर्ट

सियाचिन से सटे पीओके के शक्सगम में करीब 70 किमी की सड़क पर मोदी सरकार ने खुफिया रिपोर्ट मांगी है। यह सड़क चीन की तरफ से बनाई जा रही है।
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नई दिल्ली

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Pritesh Gupta

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Updated: 9 Apr 2018, 6:35 PM IST

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नई दिल्ली। पाक अधिकृत कश्मीर क्षेत्र में चीन की ओर से करीब 70 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के मामले को लेकर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुफिया रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने सितंबर 2017 से फरवरी 2018 किलोमीटर के दौरान यह सड़क बनाई है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए यह कदम बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

सैन्य सुरक्षा के मद्देनजर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
खुफिया रिपोर्ट्स में सड़क मिलने की बात कही गई है। साउथ ब्लॉक ने इस मामले में खुफिया एजेंसियों से सैन्य सुरक्षा के मद्देनजर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि यह पाकिस्तान के पंजाब से शिनझियांग के काश्गर तक 1300 किलोमीटर के काराकोरम हाईवे से जुड़ा एक हिस्सा भी हो सकता है। यह हाईवे हर मौसम में पूरी तरह से स्नो फ्री यानी बर्फीले तूफान से सुरक्षित है। यह प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का हिस्सा है। इस कॉरिडोर चीन बलूचिस्तान स्थित ग्वादर पोर्ट और अरब की खाड़ी से होते हुए अरब सागर तक पहुंच सकेगा।

शक्सगम घाटी में बनी सड़क इसलिए अहम
पीओके के जिस क्षेत्र में यह सड़क बनने की बात सामने आई है वह रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण हिमालय की काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित है। गौर करने वाली बात यह है कि चीन की यह सड़क भारत के सबसे महत्वपूर्ण युद्धक्षेत्र सियाचिन तक पहुंचने में मदद करेगी। ऐसे में चीन को वास्तविक नियंत्रण रेखा तक पहुंचने में आसानी होगी, जो भारत के लिए सैन्य खतरा उत्पन्न कर सकती है।

...ऐसे समझिए शक्सगम घाटी को
शक्सगम घाटी 5,163 वर्ग किलोमीटर में फैली है जिसे 1963 में हुए विवादित सीमा समझौते के तहत पाकिस्तान ने अवैध तरीके से चीन को सौंप दिया था। इस घाटी के दक्षिण में के2 और गाशेरबम की चोटियां हैं, जबकि उत्तर में आघिल की पहाड़ियां हैं। यहां करीब सात किलोमीटर ऊंची पहाड़ियां मौजूद हैं। यहां से भारत के कब्जे वाले दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र तक पहुंचने में मदद मिलती है। यहां का न्यूनतम तापमान -32 से -40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। अक्सर इन इलाकों में भीषण बर्फीले तूफान भी आते रहते हैं।