
UN Chief asks for end to use of force against protesters in Iran
कुछ समय पहले ही ईरान (Iran) में हिजाब न पहनने और इसका विरोध करने पर ईरान में 22 साल की महसा अमीनी (Mahsa Amini) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद हिरासत में प्रताड़नाओं की वजह से महसा की तेहरान में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही पूरे ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ईरान की सड़कों पर महसा की हत्या पर क्रोध प्रकट करते हुए रैलियाँ निकाली जा रही हैं, जिनमें महिलाओं के साथ पुरुष भी हिस्सा ले रहे हैं। महिलाएँ अपने हिजाब तक जला रही हैं। इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरानी सेना भी कार्रवाही कर रही है। इसी कार्रवाही के विषय में यूनाइटेड नेशंस के मानवाधिकार प्रमुख ने एक अपील की है।
"बंद करो आर्मी एक्शन"
यूनाइटेड नेशंस (UN) के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क (Volker Turk) ने ईरान से अपील करते हुए अनावश्यक आर्मी एक्शन को बंद करने की अपील की है।
"पुरानी मानसिकता और तरीके अब काम नहीं करते"
दरअसल ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ ईरानी सेना कार्रवाही कर रही है। विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ आंसू-गैस, लाठीचार्ज और मारपीट के ज़रिए उनके मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसा विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए किया जा रहा है। साथ ही कई लोगों को अब तक गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं, कई विरोध करने वालों को मौत की सजा तक दी जा चुकी है। ऐसे में वोल्कर टर्क ने कहा, "ईरान में सेना का अनावश्यक और अनुचित इस्तेमाल रुकना चाहिए। पुरानी मानसिकता और तरीके जिनका इस्तेमाल ऐसे लोग करते थे जिनके पास पावर होती थी, वो मानसिकता और तरीके अब काम नहीं करते।"
Published on:
24 Nov 2022 04:25 pm
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