
Aaj Ka Panchang 14 April 2026 : आज का पंचांग 14 अप्रैल 2026 (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)
Aaj Ka Panchang 14 April 2026:आज का पंचांग 14 अप्रैल 2026, मंगलवार विशेष रूप से धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। आज वैशाख संक्रांति, डॉ. अम्बेडकर जयंती और विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले पर्व जैसे वैशाखी, विशु और मेष संक्रांति का शुभ संयोग बना है। साथ ही त्रिपुष्कर योग का निर्माण इस दिन को और भी खास बना रहा है। यदि आप आज कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि-नक्षत्र की सही जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
विक्रम संवत् - 2083
संवत्सर नाम – रौद्र
शक संवत् – 1948
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 25 सव्वाल
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
आज चर का चौघड़िया 9.18 से 10.52 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 10.52 से 2.02 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 3.37 से 5.11 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 3.00 से 4.30 तक
तिथि – द्वादशी तिथि रात्रि 12.13 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – शतभिषा नक्षत्र दिन 4.06 तक रहेगा तदुपरान्त पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
योग – शुक्ल योग दिन 3.39 तक रहेगा तदुपरान्त ब्रह्म योग रहेगा ।
करण – कौलव करण दिन 12.41 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
त्रिपुष्कर योग सायं 4-06 से रात्रि 12-13 तक,
व्रत / दिवस विशेष – वैशाख संक्रांति, पुण्यकाल 15- 56 तक, मीन मल मास समाप्त, डाँ. अम्बेडकर जयंती. श्री सैन जयंती, पंचक, वैशाखी (पंजाब में), विशु (केरल में), मेष संक्राति (उड़ीसा में) मेषादि व कड़क पूजा (बंगाल में) ,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कुंभ राशि में होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – सूर्य का अश्विनी नक्षत्र मेष राशि में प्रवेश दिन 9-32
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं। ये जातक दुसरो के प्रति दयाभाव रखने वाला, परोपकारी एवं निस्वार्थ भाव से सेवा करने में तत्प्रर होते हैं। ये जातक स्वाभिमानी, स्वतंत्रताप्रिय एवं नए-नए मित्र बनाने में भी पीछे नहीं हटते। जातक उद्योगी, उधमी, परिश्रमी और इनमें प्रबन्धात्मक योग्यता विशेष होती हैं।
Published on:
13 Apr 2026 10:34 am
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
