
Aaj Ka Panchang 9 March 2026 : आज का पंचांग 9 मार्च 2026
Aaj Ka Panchang 9 March 2026: आज का पंचांग 9 मार्च 2026, सोमवार: हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज विशाखा नक्षत्र के बाद अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ होगा। साथ ही व्याघात और हर्षण योग का संयोग बन रहा है। आज के दिन राहुकाल, दिशा शूल, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त जानना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इन्हीं के आधार पर शुभ कार्यों, यात्रा और पूजा-पाठ का समय निर्धारित किया जाता है। आइए जानते हैं 9 मार्च 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ चौघड़िया, राहुकाल और आज के विशेष योग।
| क्रमांक | विवरण | मान |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम मास | 19 रमजान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | बसंत ऋतु |
| 8 | मास | चैत्र |
| 9 | पक्ष | कृष्ण |
आज अमृत का चौघड़िया सूर्योदय से 8.15 तक रहेगा. शुभ का चौघड़िया 9.42 से 11.10 तक रहेगा, चर का चौघड़िया 2.05 से 3.33 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 3.33 से सूर्यास्त तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पूर्व में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो प्रातःकाल सूर्योदय कालीन सूर्य के दर्शन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – षष्ठी तिथि रात्रि 11.28 तक होगी तदुपरान्त सप्तमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – विशाखा नक्षत्र दिन 4.12 तक होगा तदुपरान्त अनुराधा नक्षत्र होगा ।
योग – व्याघात योग प्रातः 7.36 तक रहेगा तदुपरान्त हर्षण योग रहेगा ।
करण – गर करण दिन 10.20 तक रहेगा तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।
विशिष्ट योग – यमघंट व कुमारयोग सूर्योदय से सायं 4-12 तक, सर्वार्थसिद्धि योग सायं 4-12 से सूर्योदय तक, रवियोग सायं 4-12 से प्रारम्भ
.
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा रात्रि 11-28 से प्रारम्भ, श्री एकनाथ षष्ठी, श्री वनचंद्र जयंती, (विवाह मुहूर्त अनूराधा नक्षत्र में),
चन्द्रमा – आज दिन 9.30 तक तुला राशि में होगा तदुपरान्त वृश्चिक राशि में प्रवेश होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 9.30 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी तदुपरान्त वृश्चिक राशि होगी ।
आज दिन 4.12 तक जन्म लेने वाले बच्चों का विशाखा नक्षत्र होगा तदुपरान्त अनुराधा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ते, तो, न, नी, नू पर रखे जा सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, उत्साही, स्पष्टवादी, परिश्रमी, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। अपना निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। इनको द्वा व्यवसाय, पुलिस, शोधकार्य, साधना, खनिज़ पदार्थों का व्यवसाय, खेती, पुरातत्त्व विज्ञान आदि कार्यों में सफलता मिलती है।
Published on:
08 Mar 2026 06:32 pm
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