
Panchang 11 January : आज का दिन कितना शुभ? पंचांग से जानें राहुकाल, योग-करण और व्रत-त्योहार
Aaj Ka Panchang Ravivar 11 January 2026 :आज का पंचांग – रविवार, 11 जनवरी 2026 : आज विक्रम संवत 2082 के सिद्धार्थ नामक संवत्सर में माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज चित्रा नक्षत्र एवं सुकर्मा योग का प्रभाव रहेगा, वहीं राहुकाल सायं 4:30 से 6:00 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार आज के शुभ चौघड़ियों में विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ एवं अन्य मंगल कार्य किए जा सकते हैं।
आज सूर्य और मंगल का नक्षत्र परिवर्तन भी विशेष ज्योतिषीय महत्व रखता है। साथ ही आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि, नक्षत्र, स्वभाव और नामाक्षर की विस्तृत जानकारी भी पंचांग में दी गई है।
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| तिथि (Date) | रविवार, 11 जनवरी, 2026 |
| विक्रम संवत् | 2082 |
| संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| शक संवत् | 1947 |
| हिजरी सन् | 1447 |
| मुस्लिम मास | 21 रज्जब |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | शिशिर ऋतु |
| मास | माघ |
| पक्ष | कृष्ण |
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज दिन में चर का चौघड़िया 8.40 से 9.58 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.58 से 12.34 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 1.53 से 3.11 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – अष्ठमी तिथि दिन 10.21 तक होगी तदुपरान्त नवमी तिथि होगी ।
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
नक्षत्र – चित्रा नक्षत्र रात्रि 6.12 तक होगा तदुपरान्त स्वाती नक्षत्र होगा ।
योग – सुकर्मा योग सायं 5.27 तक रहेगा तदुपरान्त धृति योग रहेगा ।
करण – कौलव करण दिन 10.21 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तुला राशि में होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – सूर्य का उत्तराषाढा नक्षत्र में प्रवेश 8-36 पर, मंगल का उत्तराषाढा नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 9-10 पर
| दिनांक | वार | व्रत / पर्व / योग / ग्रह परिवर्तन |
|---|---|---|
| 12.01.2026 | सोमवार | भद्रा रात्रि 2:00 से प्रारम्भ, शुक्र का मकर राशि में प्रवेश (रात्रि 9:58), स्वामी विवेकानंद जयंती, राष्ट्रीय युवा दिवस, महापात योग (रात्रि 12:12 से अंतरात्रि 6:30), यमघंट योग (रात्रि 9:05 से सूर्योदय), कुमार योग (रात्रि 9:05 से प्रारम्भ) |
| 13.01.2026 | मंगलवार | भद्रा दिन 3:18 तक, लोहड़ी उत्सव (पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर), भोगी पर्व (दक्षिण भारत), कुमार योग रात्रि 12:07 तक |
| 14.01.2026 | बुधवार | माघ संक्रांति, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (दिन 3:07), पुण्यकाल प्रातः 8:43 से संपूर्ण दिन, षट्तिला एकादशी व्रत, मकर संक्रांति पर्व, गंगा सागर स्नान व यात्रा, धनु मलमास समाप्त, पोंगल (दक्षिण भारत), माघ बिहु (असम), गंडमूल प्रारंभ (रात्रि 3:04), सर्वार्थसिद्धि एवं अमृत सिद्धि योग (सूर्योदय से रात्रि 3:04), राजयोग (सायं 5:53 से रात्रि 3:04) |
| 15.01.2026 | गुरुवार | मंगल का मकर राशि में प्रवेश (रात्रि 4:28), बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश (दिन 9:19), श्री शीतलनाथ जयंती, थल सेना दिवस, गंडमूल संपूर्ण दिन-रात्रि |
| 16.01.2026 | शुक्रवार | भद्रा रात्रि 10:22 से, प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि, मेरु त्रयोदशी (जैन), श्री आदिनाथ निर्वाण दिवस, गंडमूल संपूर्ण दिन-रात्रि |
| 17.01.2026 | शनिवार | भद्रा दिन 11:13 तक, बुध का मकर राशि में प्रवेश (दिन 10:23), रटंती कालिका पूजन, शब्बे मिराज (मुस्लिम), गंडमूल प्रातः 8:12 तक |
| 18.01.2026 | रविवार | देवपितृकार्य अमावस्या, मौनी अमावस्या, द्वापर युगादि, प्रयागराज एवं हरिद्वार में मेला, सर्वार्थसिद्धि योग (दिन 10:14 से सूर्योदय तक) |
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी ।
आज रात्रि 6.12 तक जन्म लेने वाले बच्चों का चित्रा नक्षत्र होगा तदुपरान्त स्वाती नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर र, री, रू, रे पर रखे जा सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं। जातक को देश-विदेशों में अनेक स्थानों पर भृमण करने के अवसर प्राप्त होते हैं। जातक बुद्धिमान, तर्कशील, साबधान एवं सर्तक रहने वाला, मध्यस्थता एवं न्याय करने में कुशल, विपरीत योनि के प्रति झुकाव रखता हैं। इनको हीरा अथवा श्वेत कपड़े पसंद होते हैं।
चित्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक आकर्षक शारीरिक संरचना वाले और मोहक व्यक्तित्त्व वाले होते हैं। इनकी ऑंखें ख़ूबसूरत होती हैं, जिनमे चुम्बकत्व होता है। ये सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेती हैं। इन्हें सज सज्जा में विशेष रूचि होती है। इनका स्वभाव विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण से भरा होता है। ये दयालु, शांतिप्रिय, हंसमुख स्वभाव के और बेहद संवेदनशील होते हैं।
स्वाती नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति स्वतंत्र स्वभाव के होते हैं। इन्हें आदेशों की पलना करना अच्छा नहीं लगता है। ये स्वभाव से बहुत ही स्वाभिमानी और उच्च विचार धारा के व्यक्ति होते हैं। ये अपने कार्यों को पूरे मनोयोग, मेहनत और इमानदारी के साथ करते है। ये अछे न्यायिक अधिकारी, सैन्य अधिकारी हो सकते हैं।
Updated on:
10 Jan 2026 04:38 pm
Published on:
10 Jan 2026 04:37 pm
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