scriptAmazing effects of Tilak on forehead | सप्ताह के दिनों में वार के अनुसार लगाएं माथे का तिलक, मिलेगा शुभ फल | Patrika News

सप्ताह के दिनों में वार के अनुसार लगाएं माथे का तिलक, मिलेगा शुभ फल

शुभ कार्य में "तिलक या टीका" लगाने का विधान...

भोपाल

Updated: April 22, 2020 06:42:41 pm

भारतीय संस्कृति में पूजा-अर्चना, संस्कार, संस्कार विधि, मंगल कार्य, यात्रा गमन, शुभ कार्यों के प्रारंभ में माथे पर तिलक लगाकर उसे अक्षत से विभूषित किया जाता है । तिलक केवल धार्मिक मान्यता नहीं बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं।

tilak_on_forehead
Amazing effects of Tilak on forehead

वहीं जानकारों की मानें तो हिन्दू आध्यात्म की असली पहचान तिलक से होती है। मान्यता है कि तिलक लगाने से समाज में मस्तिष्क हमेशा गर्व से ऊंचा होता है। हिंदू परिवारों में किसी भी शुभ कार्य में "तिलक या टीका" लगाने का विधान हैं। यह तिलक कई वस्तुओ और पदार्थों से लगाया जाता हैं। इनमें हल्दी, सिन्दूर, केशर, भस्म और चंदन आदि प्रमुख हैं।

भारत के सिवा और कहीं भी मस्तक पर तिलक लगाने की प्रथा शायद ही कहीं और भी प्रचलित हो। यह हिन्दू रीति रिवाज अत्यंत प्राचीन है। माना जाता है कि मनुष्य के मस्तक के मध्य में विष्णु भगवान का निवास होता है, और तिलक ठीक इसी स्थान पर लगाया जाता है। तिलक लगाना देवी की आराधना से भी जुड़ा है।

MUST READ : रावण और कुंभकरण ने लिए थे तीन जन्म: रावण से जुड़ा ये सच जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

rawan_kumbhkaran_1.jpg

आमतौर से तिलक अनामिका द्वारा लगाया जाता हैं और उसमे भी केवल चंदन ही लगाया जाता हैं तिलक संग चावल लगाने से लक्ष्मी को आकर्षित करने का तथा ठंडक व सात्विकता प्रदान करने का निमित छुपा हुआ होता हैं। अतः प्रत्येक व्यक्ति को तिलक ज़रूर लगाना चाहिए।

मान्यताओं के अनुसार सूने मस्तक को शुभ नहीं माना जाता। माथे पर चंदन, रोली, कुमकुम, सिंदूर या भस्म का तिलक लगाया जाता है। तिलक हिंदू संस्कृति में एक पहचान चिन्ह का काम करता है। तिलक लगाने की केवल धार्मिक मान्यता नहीं है बल्कि इसके कई वैज्ञानिक कारण भी हैं।

ज्योतिष के अनुसार यदि तिलक को वार या दिन के अनुसार लगाया जाए तो व्यक्ति कई प्रकार की समस्याओं से ही नहीं बचता बल्कि कई प्रकार से शुभ फलों को भी प्राप्त करता है। पंडितों के मुताबिक तिलक लगाने से कुंडली के कई ग्रह दोष स्वत: ही समाप्त हो जाते हैं।

MUST READ : एक गाय अपने थनों से हर रोज इस शिला पर चढ़ाती थी दूध, कारण जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

2shivtampel_1.jpg

चेतना केंद्र पर लगाएं तिलक
तिलक का अर्थ है पूजा के बाद माथे पर लगाया जानेवाला निशान । उत्तर भारत में आज भी तिलक आरती के साथ आदर सत्कार स्वागत कर तिलक लगाया जाता है ।

तिलक हमेशा भौंहो के बीच 'आज्ञाचक्र' भ्रुकुटी पर किया जाता है जो कि चेतना केंद्र भी कहलाता है एवं हमारे चिंतन-मनन का स्थान है , यह चेतन-अवचेतन अवस्था में भी जागृत एवं सक्रिय रहता है ।

तिलक के प्रकार
तिलक के मृतिका, भस्म, चंदन, रोली, सिंदूर, गोपी आदि प्रकार हैं। सनातन धर्म में शैव, शाक्त, वैष्णव और अन्य मतों के अलग-अलग तिलक होते हैं। मान्यता के अनुसार चंदन का तिलक लगाने से पापों का नाश होता है, व्यक्ति संकटों से बचता है साथ ही ऐसे व्यक्ति पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है, इसके अलावा ज्ञानतंतु संयमित व सक्रिय रहते हैं।
चन्दन के प्रकार : हरि चंदन, गोपी चंदन, सफेद चंदन, लाल चंदन, गोमती और गोकुल चंदन।

MUST READ : अशुभ संकेत-ऐसे समझें पशुओं के भी खास इशारे- बचने के ये हैं उपाय

yatra_1.jpg

पुराणों में तिलक का वर्णन
पुराणों में वर्णन मिलता है कि संगम तट पर गंगा स्नान के बाद तिलक लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है की स्नान करने के बाद पंडों द्वारा विशेष तिलक अपने भक्तों को लगाया जाता है। माथे पर तिलक लगाने के पीछे आध्यात्मिक महत्व है।

दरअसल, हमारे शरीर में सात सूक्ष्म ऊर्जा केंद्र होते हैं, जो अपार शक्ति के भंडार हैं। इन्हें चक्र कहा जाता है। माथे के बीच में जहां तिलक लगाते हैं, वहां आज्ञाचक्र होता है। यह चक्र हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है, जहां शरीर की प्रमुख तीन नाडि़यां इड़ा, पिंगला व सुषुम्ना आकर मिलती हैं इसलिए इसे त्रिवेणी या संगम भी कहा जाता है।

यह गुरु स्थान कहलाता है। यहीं से पूरे शरीर का संचालन होता है। यही हमारी चेतना का मुख्य स्थान भी है। इसी को मन का घर भी कहा जाता है। इसी कारण यह स्थान शरीर में सबसे ज्यादा पूजनीय है। योग में ध्यान के समय इसी स्थान पर मन को एकाग्र किया जाता है।

MUST READ : दुनिया के प्रमुख शिवलिंग, जानिये क्या है इनकी खासियत

special_shiv.jpg

सप्ताह के वारों के अनुसार : इसका लगाएं तिलक

1. सोमवार : सोमवार का दिन भगवान शंकर का दिन होता है और इस वार का स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं।
चंद्रमा चुंकि मन का कारक ग्रह माना गया है। इसलिए मन को काबू में रखकर मस्तिष्क को शीतल और शांत बनाए रखने के लिए आप सफेद चंदन का तिलक लगाएं। इस दिन विभूति या भस्म भी लगा सकते हैं।

2. मंगलवार : मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना गया है। इस दिन का स्वामी ग्रह मंगल है।
मंगल लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है। इस दिन लाल चंदन या चमेली के तेल में घुला हुआ सिंदूर का तिलक लगाने से ऊर्जा और कार्यक्षमता में विकास होता है। इससे मन की उदासी और निराशा हट जाती है और दिन शुभ बनता है।

3. बुधवार : बुधवार को भगवान गणेश का दिन माना जाता है। इस दिन का ग्रह स्वामी है बुध ग्रह।
बुध ग्रह व्यक्ति की बौद्धिकता का प्रतिनिधित्व करता है। इस दिन सूखे सिंदूर (जिसमें कोई तेल न मिला हो) का तिलक लगाना चाहिए। इस तिलक से बौद्धिक क्षमता तेज होती है और दिन शुभ रहता है।

MUST READ : Covid-19 News/विश्व व्यापी चेतावनी हुई जारी, इधर भारत के एक गांव में जांच टीम को घुसने तक नहीं दिया गया

https://www.patrika.com/sehore-news/who-open-challenge-to-indian-government-with-world-6025482/

4. गुरुवार : गुरुवार या बृहस्पतिवार भगवान विष्णु का माना जाता है। इस दिन का स्वामी ग्रह है बृहस्पति है।
गुरु को पीला या सफेद मिश्रित पीला रंग प्रिय है। इस दिन सफेद चन्दन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर उसमें केसर मिलाकर लेप को माथे पर लगाना चाहिए या टीका लगाना चाहिए। हल्दी या गोचरन का तिलक भी लगा सकते हैं। माना जाता है कि इससे मन में पवित्र और सकारात्मक विचार तथा अच्छे भावों का उद्भव होगा जिससे दिन भी शुभ रहेगा और आर्थिक परेशानी का हल भी निकलेगा।

5. शुक्रवार : शुक्रवार का दिन भगवान विष्णु की पत्नी लक्ष्मीजी का रहता है। इस दिन का ग्रह स्वामी शक्र है।
हालांकि इस ग्रह को दैत्यराज भी कहा जाता है। दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य थे। इस दिन लाल चंदन लगाने से जहां तनाव दूर रहता है वहीं इससे भौतिक सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि होती है। इस दिन सिंदूर भी लगा सकते हैं।

6. शनिवार : शनिवार को भैरव, शनि और यमराज का दिन माना जाता है। इस दिन के ग्रह स्वामी है शनि ग्रह।
शनिवार के दिन विभूत, भस्म या लाल चंदन लगाना चाहिए , जिससे भैरव महाराज प्रसन्न रहते हैं और किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने देते। दिन शुभ रहता है।

7. रविवार : रविवार का दिन भगवान सूर्य का दिन रहता है। इस दिन के ग्रह स्वामी है सूर्य है जो ग्रहों के राजा भी हैं।
इस दिन लाल चंदन या हरि चंदन लगाएं। भगवान सूर्य की कृपा रहने से जहां मान-सम्मान बढ़ता है वहीं निर्भयता भी आती है।

tilakk.jpgअंगुलियों का अपना महत्व
जानकारों के मुताबिक तिलक लगवाते समय सिर पर हाथ इसलिए रखते हैं कि सकारात्मक ऊर्जा हमारे शीर्ष चक्रपर एकत्रित हो साथ ही हमारे विचार सकारात्मक हो व कार्यसिद्ध हो । तिलक में हाथ की चारों अंगूलियों और अंगूठे का एक विशेष महत्व है , अनामिका अंगुली शांति प्रदान करती है, मध्यमा अंगुली मनुष्य की आयु वृद्धि करती है ।
अंगूठा प्रभाव, ख्याति और आरोग्य प्रदान करता है जबकि तर्जनी मोक्ष देने वाली अंगुली है । ज्योतिषों के अनुसार अनामिका व अंगूठे से तिलक करने में सदा शुभ माने गए हैं । अनामिका सूर्य पर्वत की अधिष्ठाता अंगुली है । यह अंगुली सूर्य का प्रतिनिधित्व करती है । अंगूठा हाथ में शुक्र का प्रतिनिधित्व करता है और शुक्र ग्रह जीवन शक्ति का प्रतीक है।
तिलक लगाने के ये हैं मंत्र
1. केशवानन्न्त गोविन्द बाराह पुरूषोत्तम ।
पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं में प्रसीदतु ।।

2. कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम् ।
ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम् ।।

tilak_fayde.jpg

तिलक लगाने के फायदे...
1. माना जाता है कि तिलक करने से व्यक्त‍ित्व प्रभावशाली हो जाता है। दरअसल, तिलक लगाने का मनोवैज्ञानिक असर होता है, क्योंकि इससे व्यक्त‍ि के आत्मविश्वास और आत्मबल में भरपूर इजाफा होता है।

2. ललाट पर नियमित रूप से तिलक लगाने से मस्तक में तरावट आती है। लोग शांति व सुकून अनुभव करते हैं। वहीं ये भी कहा जाता है कि यह कई तरह की मानसिक बीमारियों से बचाता है।

3. दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्राव संतुलित तरीके से होता है, जिससे उदासी दूर होती है और मन में उत्साह जागता है। यह उत्साह लोगों को अच्छे कामों में लगाता है।

4. ये भी माना जाता है कि इससे सिरदर्द की समस्या में कमी आती है।

5. हल्दी से युक्त तिलक लगाने से त्वचा शुद्ध होती है। हल्दी में एंटी बैक्ट्र‍ियल तत्व होते हैं, जो रोगों से मुक्त करता है।

6. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंदन का तिलक लगाने से मनुष्य के पापों का नाश होता है। लोग कई तरह के संकट से बच जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, तिलक लगाने से ग्रहों की शांति होती है।

7. मान्यता है कि चंदन का तिलक लगाने वाले का घर अन्न-धन से भरा रहता है और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

भाजपा में कांग्रेसवादः कांग्रेस के वो चार नेता जिन्होंने BJP में शामिल होकर पाई मुख्यमंत्री की कुर्सीत्रिपुरा: डॉ. माणिक साहा बने त्रिपुरा के नए सीएम, राजभवन में ली शपथWeather Update: उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस ने किया बेहाल, जानें कब होगी बारिशअसम में लगातार हो रही बारिश, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, हाफलोंग में भूस्खलन से 3 लोगों की मौतCongress Chintan Shivir 2022 : आज राहुल गांधी के भाषण पर निगाह, स्वीकार कर सकते हैं अध्यक्ष बनने का अनुरोध?Congress Chintan Shivir 2022 : आज बनेगा सामूहिक ड्रॉफ्ट, कांग्रेस कार्यसमिति करेगी निर्णयइमरान खान ने कहा मेरे खिलाफ देश के अंदर व बाहर हो रही हत्या की साजिशअमरीकाः न्यूयॉर्क के सुपरमार्केंट में गोलीबारी, 10 लोगों की मौत, जानिए पहले कब-कब हुए ऐसे हमले
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.