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Astro Tips: इस महीने हुए शनि के राशि परिवर्तन के बाद इन राशियों पर दिख रहा है असर, करें ये उपाय

कुंभ को शनि की स्वराशि माना जाता है। इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि इस दौरान शनि खुद की राशि में हैं तो वह प्रसन्न मुद्रा में यहां रहेंगे। ऐसे में माना जा रहा है शनि का प्रभाव बहुत ज्यादा विपरीत या प्रतिकूल नहीं रहेगा। फिर भी आप शनि के कुछ उपाय कर आने वाले संकट को टाल सकते हैं।
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Sanjana Kumar

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Updated: 27 Jan 2023, 5:54 PM IST

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जनवरी की 17 तारीख को शनि देव ने मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में गोचर किया है। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन बदलाव लाने वाला माना जाता है। शनि देव पूरे 30 वर्ष बाद कुंभ राशि में आए हैं, तो इसके परिणाम भी काफी प्रभावशाली माने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सौरमंडल में शनि सबसे धीमा ग्रह माना जाता है। दरअसल शनि को एक राशि से दूसरी राशि मे आने में पूरे ढाई साल का समय लगता है। यानी शनिदेव एक राशि में ढाई साल रहते हैं। कुंभ को शनि की स्वराशि माना जाता है। इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि इस दौरान शनि खुद की राशि में हैं तो वह प्रसन्न मुद्रा में यहां रहेंगे। ऐसे में माना जा रहा है शनि का प्रभाव बहुत ज्यादा विपरीत या प्रतिकूल नहीं रहेगा। फिर भी आप शनि के कुछ उपाय कर आने वाले संकट को टाल सकते हैं।

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शनि का यह राशि परिवर्तन शुभ या अशुभ
शनि लगभग हर ढाई साल में अपनी राशि बदलते हैं। इस तरह एक राशि में दोबारा आने में उन्हें लगभग 30 साल का समय लगता है। अभी तक शनि मकर राशि में विद्यमान थे और 17 जनवरी को शनि कुंभ राशि में जा चुके हैं। कुंभ राशि शनि की मूलत्रिकोण राशि है। इसीलिए माना जाता है कि शनि का कुंभ राशि में जाना ज्यादातर शुभ ही रहेगा। वहीं शनि का ये राशि परिवर्तन कई मायनों में खास भी माना जा रहा है। वैसे तो, शनि का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। उन्हं अनहोनी का भय सताने लगता है। जबकि यह भी सच है कि साथ ही शनि से होने वाली साढ़ेसाती और ढैय्या की स्थिति भी शनि के राशि परिवर्तन के साथ बदल जाती है।

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कैसी होगी साढ़ेसाती या ढैय्या
शनि के इस राशि परिवर्तन से धनु राशि में साढ़ेसाती समाप्त हुई है। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हुआ है। मकर पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू हो गया है। मीन राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो गई है। मिथुन और तुला राशि की ढैया समाप्त हो गई है। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि की ढैया शुरू हो गई है। जिस व्यक्ति की जन्म कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी होगी, उनको शनि की साढ़ेसाती उत्तम फल देगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती अच्छा फल भी देती है और बुरा भी। साथ ही जिन राशियों की ढैय्या चल रही है उन लोगों को मां की सेहत पर नजर रखनी चाहिए। वहीं जिनकी कुंभ राशि है उनके लिए ये साढ़ेसाती वरदान साबित होगी।

देश दुनिया पर असर
शनि के इस राशि परिवर्तन से दुनिया में स्थिरता आएगी। दुनियाभर की मंदी की स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, लोकतंत्र की स्थिति मजबूत होगी। जनता के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं बनेंगी। न्याय व्यवस्था ज्यादा सक्रिय होगी। इन ढाई साल में देश दुनिया के लिए काफी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। शनि के गोचर के प्रभाव से खाद्यान्नों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। भारत देश-विदेशों से कम दामों पर कच्चा तेल और गैस खरीदने में कामयाब रहेगा। इससे देश में इन वस्तुओं में कोई कमी नहीं होगी। विभिन्न राज्यों में होने वाले चुनावों में शनि के प्रभाव से उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। भारत के विदेशी व्यापार में प्रगति होगी और कुछ नए देशों से मजबूत व्यावसायिक संबंध स्थापित होंगे।

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इन ढाई साल में शनि के शुभ प्रभाव के लिए करें ये उपाय

- शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करना लाभदायक रहेगा।
- शनिदेव के किसी भी स्रोत का मन लगाकर पाठ करें।
- रुई की एक बत्ती में लोबान लगाकर सरसों के तेल का दीपक शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं।
- शनि देव के मंत्र ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का जाप करना चाहिए।