
नए साल 2024 में ज्योतिषीय भविष्यवाणी
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि ग्रह गोचर की गणना से देखें, तो पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव को कारकत्व प्रदान करने वाले राहु-केतु 1 जनवरी 2024 को नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। यह परिवर्तन 1 जनवरी के मध्याह्न में होगा। राहु रेवती नक्षत्र के तीसरे चरण और केतु चित्रा के पहले चरण में प्रवेश करेंगे। यह स्थिति भी अलग-अलग प्रकार के अनुसंधान को स्थान देती है। इसके कारण शिक्षा तथा सौंदर्य प्रसाधन में अलग प्रकार की क्रांति देखने को मिलेगी। चिकित्सा जगत और राजनीति क्षेत्र में कई बड़े बदलाव होंगे। कहीं-कहीं कूटनीतिक मामलों में अलग प्रकार की तस्वीरें भी सामने आएंगी। व्यापार-व्यवसाय को गति मिलेगी। इस साल एक भी ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। वहीं विवाह के कुल 44 श्रेष्ठ मुहूर्त रहेंगे।
अंग्रेजी वर्ष की शुरुआत के ग्रह योग से देखें तो अगले 6 महीने में अलग-अलग प्रकार से व्यापार-व्यवसाय की नीति में परिवर्तन दिखाई देगा। अंतरराष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संयुक्त प्रयास तथा भारतीय क्रियाविधि व्यावसायिक परंपरागत नीति के आधार पर बेरोजगारी की स्थिति में कमी आ सकती है। ग्रहों के राशि परिवर्तन तथा दृष्टि संबंधों के आधार पर व्यावसायिक आकार बढ़ेगा।
धर्म के प्रति बढ़ेगी श्रद्धा
ग्रहों की स्थितियां कैलोरियन कैलेंडर से चल रही है। ग्रहों की स्थिति के कारण संपूर्ण विश्व में अपने धर्म के प्रति लोगों की गहरी रुचि जाग्रत होगी। लोग आध्यात्मिक रहस्य की ओर बढ़ेंगे। अपने इतिहास तथा संस्कृतियों को संयोजित करते हुए मानसिक शांति एवं योग की क्रियाओं पर पुरातन पद्धति व परंपरा की ओर आकर्षित होंगे। ग्रहों के योग तथा आने वाले समय में केंद्र त्रिकोण के संबंधों की स्थिति जनमानस को परिवर्तित करेगी।
यज्ञोपवीत के कम हैं श्रेष्ठ मुहूर्त
जनवरी से लेकर दिसंबर तक बीच-बीच में मीन मास और गुरु या शुक्र के तारे का अस्त होने के कारण इस बार विवाह एवं यज्ञोपवीत के श्रेष्ठ मुहूर्त की संख्या कम है। न्यून संख्याओं में भी विवाह आदि मांगलिक कार्य अनुकूल रहेंगे। फिर भी इस बार विवाह के श्रेष्ठ 44 मुहूर्त की संख्या आती है, जिसमें श्रेष्ठ तिथि का चयन करके अपने चंद्रमा, सूर्य और बृहस्पति के अनुसार विवाह तय किया जा सकता है।
Updated on:
10 Dec 2023 03:54 pm
Published on:
10 Dec 2023 03:52 pm
