
why Yearly 2022 is so special for all
Happy New Year 2022 : आने वाला नया साल 2022 शनिवार से शुरु हो रहा है। वहीं अप्रैल में आने वाला हिंदुओं का नवसंवत्सर भी इस बार शनिवार से शुरु हो रहा है। ऐसे में ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि इस साल के राजा शनिदेव ही रहेंगे। वहीं इस साल शनि की चाल कई राशि वालों के लिए काफी परेशानी उत्पन्न करने वाली दिख रही है।
इतना ही नहीं इस नए साल 2022 का उदय भी कालसर्प योग में होना है, यह वह समय होगा जब समस्त ग्रह राहू और केतु की कैद में होंगे, ऐसे में लोगों के मन में नए साल को लेकर कई तरह के संशय व कुछ बुरा होने के विचार पैदा हो रहे हैं।
लेकिन, इस साल में एक खासियत भी देखने को मिल रही है। जो इस तरह के कई अशुभ संकेतों को भी शुभ में परिवर्तित करती दिख रही है। दरअसल इस नए साल 2022 की शुरुआत ही (पहले ही दिन) शिवरात्रि से हो रही है।
इसके अलावा इस बार नए साल 2022 के जनवरी महीने में कुल दो मासिक शिवरात्रि होंगी। साल की पहली शिवरात्रि जहां साल के पहले दिन यानि एक जनवरी को ही पड़ रही है तो वहीं दूसरी शिवरात्रि इसी जनवरी महीने के आखिरी में 30 जनवरी 2022 को पड़ रही है। इसके अलावा साल 2022 की आखिरी शिवरात्रि बुधवार 21 दिसंबर को है और इसी दिन प्रदोष व्रत (कृष्ण) भी पड़ रहा है।
इन सारी स्थितियो को देखते हुए ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि इस अंग्रेजी नए साल 2022 के राजा शनिदेव ही रहेंगे। वहीं इस साल 2022 के पहले दिन मासिक शिवरात्रि होने के चलते नए साल का यह दिन अत्यंत शुभ रहेगा।
पंडित शर्मा के अनुसार इसका कारण ये है कि भगवान शिव ही शनिदेव के गुरु माने गए हैं, और ये भी माना जाता है कि भगवान शिव की विशेष पूजा के दिन यदि शनिदेव की भी पूजा की जाए तो अपने गुरु के दिन पूजा होने के चलते वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
वहीं दूसरी ओर इस नए साल का उदय कालसर्प योग में होगा। ऐसे में भगवान शिव जो राक्षसों के भी आराध्य हैं कि पूजा करने से इस कालसर्प दोष के भी असर में कमी आएगी।
पंडित शर्मा के अनुसार ऐसे में पूरे साल हर दिन भगवान शिव की पूजा आपको जहां एक ओर प्रसिद्धि और उन्नति प्रदान करेगी, वहीं समस्त यह आपकी परेशानियों को भी दूर करने का कार्य करती दिख रही है।
पंडित एके शुक्ला के अनुसार भी ग्रहों की दशा व दिशा के कारण नए साल के पहले दिन बन रहे इन अशुभ योगों को हर राशि का जातक भगवान शिव की प्रतिदिन पूजा कर काफी हद तक कम कर सकता है। इसके अलावा पंडित शुक्ला का कहना है कि नए साल 2022 के पहले ही दिन मासिक शिवरात्रि का होना एक अच्छा संकेत है। जिसके चलते नए साल 2022 का स्वागत ही शिव पूजा से होगा। हमें बस इतना याद रखना है कि भगवान शिव की पूजा को पूरे साल भर जारी रखना है। यही एक सीधा उपाय है जो पूरे साल हमें इन दोषों से बचने में मदद करेगा।
पंडित शुक्ला के अनुसार मुमकिन है कि इसके बावजूद कुछ समय तक आपको कालसर्प दोष कुछ स्तरों पर परेशान करता रहे, लेकिन यदि भक्त पूर्ण विश्वास के साथ लगातार शिव भक्ति से जुड़े रहेंगे तो पाएंगे कि कुछ समय तक कालसर्प दोष का असर रहने के बाद वह भी नग्ण्य सा हो जाएगा। वहीं जो लोग भगवान के इस संकेत को अब तक नहीं समझ पा रहे हैं, उन पर शनि के रोष व कालसर्प दोष का खास प्रभाव देखने को मिल सकता है।
Published on:
20 Dec 2021 03:43 pm
