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जब भी कोई व्यक्ति नए मकान में प्रवेश करता है, तो यह केवल एक नई जगह पर रहने की शुरुआत नहीं होती, बल्कि यह जीवन के नए अध्याय की शुरुआत मानी जाती है। भारतीय परंपरा में गृह प्रवेश से पहले पूजा करना बेहद आवश्यक माना गया है, ताकि घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। शास्त्रों के अनुसार, सही विधि से की गई पूजा नए घर को दोषों से मुक्त करती है और परिवार के लिए मंगलकारी होती है।
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है, यानी वे सभी बाधाओं को दूर करते हैं। नए घर में प्रवेश के समय सबसे पहले उनकी पूजा करने से गृह प्रवेश के दौरान आने वाली अड़चनें समाप्त होती हैं और कार्य निर्विघ्न पूर्ण होता है।
भगवान गणेश की पूजा के बाद माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माता लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि की देवी हैं। नए मकान में लक्ष्मी पूजन करने से घर में आर्थिक स्थिरता आती है और कभी धन की कमी नहीं होती। यह पूजा घर में बरकत और खुशहाली बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है।
इसके बाद वास्तु पूजा की जाती है। वास्तु मंडल बनाकर विधिवत पूजा करने से घर में मौजूद वास्तु दोष शांत होते हैं। वास्तु देवता की कृपा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है। वास्तु पूजा नए घर को संतुलित और ऊर्जा से भरपूर बनाती है।
गृह प्रवेश पूजा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण हवन होता है। शास्त्रों के अनुसार, गायत्री मंत्र से किया गया हवन सबसे प्रभावशाली माना गया है। गायत्री मंत्र के उच्चारण से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। हवन से घर में सात्विकता और पवित्रता का वास होता है।
यदि गृह प्रवेश पूजा इन सभी विधियों के अनुसार की जाए, तो नया घर न केवल रहने की जगह बनता है, बल्कि सुख, शांति और समृद्धि का केंद्र बन जाता है।
Published on:
02 Jan 2026 08:03 am
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