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Gupt Navratri: 12 साल बाद गुप्त नवरात्रि पर बना दुर्लभ महासंयोग; मौका चूके तो बाद में होगा पछतावा! कर्जा उतारने के लिए करें 5 उपाय

Gupt Navratri: आषाढ़ गुप्त नवरात्र की शुरुआत शुभ पुष्य नक्षत्र और सिद्ध योग में हो रही है। जानिए गुप्त नवरात्र का धार्मिक महत्व और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए बताए गए 5 प्रभावी उपाय।
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भारत

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Harshul Mehra

Jul 15, 2026

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गुप्त नवरात्रि के उपाय। फोटो सोर्स-Ai

Gupt Navratri 2026: आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा के साथ बुधवार से गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) का शुभारंभ हो रहा है। इस बार गुप्त नवरात्र की शुरुआत पुष्य नक्षत्र और सिद्ध योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग में हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह संयोग देवी साधना, मंत्र जाप और शक्ति उपासना के लिए बेहद फलदायी माना जाता है।

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करेंगे और अगले 9 दिनों तक मां दुर्गा की आराधना, व्रत, जप और साधना में लीन रहेंगे। घरों और मंदिरों में अखंड दीप प्रज्ज्वलित कर मां शक्ति से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 12 साल बाद गुप्त नवरात्रि पर दुर्लभ महासंयोग बना है।

साल में 4 चार बार मनाए जाते हैं नवरात्र

पंडित सुदामा शर्मा के अनुसार, हिंदू धर्म में वर्षभर में कुल 4 नवरात्र आते हैं। इनमें 2 प्रत्यक्ष नवरात्र और 2 गुप्त नवरात्र होते हैं। चैत्र और आश्विन मास में आने वाले नवरात्र सार्वजनिक रूप से मनाए जाते हैं, जबकि माघ और आषाढ़ मास में पड़ने वाले नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। गुप्त नवरात्र विशेष रूप से तंत्र साधना, शक्ति उपासना और आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त करने का पर्व माना जाता है।

गुप्त नवरात्र में होती है दस महाविद्याओं की आराधना

मान्यता है कि इन महाविद्याओं की साधना करने से साधकों को आध्यात्मिक शक्ति, सिद्धि और देवी कृपा प्राप्त होती है। वहीं सामान्य श्रद्धालु इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं।

गुप्त नवरात्र में कलश स्थापना का विशेष महत्व

नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश स्थापना की जाती है। इसके बाद पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा की नियमित पूजा, दुर्गा मंत्रों का जाप, अखंड दीप और भक्ति-आराधना का क्रम चलता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कर्ज से मुक्ति के लिए करें उपाय

पंडित सुदामा शर्मा के अनुसार, गुप्त नवरात्र के दौरान श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए कुछ उपाय आर्थिक संकट और कर्ज से राहत दिलाने में सहायक माने जाते हैं।

  1. मां दुर्गा को दूर्वा अर्पित करें

प्रतिदिन मां दुर्गा को दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें। मान्यता है कि इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और देवी की कृपा प्राप्त होती है।

  1. महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का पाठ करें

गुप्त नवरात्र के दौरान नियमित रूप से महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का पाठ करें। यह नकारात्मक ऊर्जा के नाश और आत्मबल बढ़ाने का प्रभावी उपाय माना जाता है।

  1. चींटियों के लिए करें विशेष उपाय

एक सूखे नारियल (गोला) का ऊपरी हिस्सा काटकर उसमें चीनी और आटा मिलाकर भर दें। इसके बाद इसे किसी ऐसे स्थान पर, जहां चींटियां हों, किसी पेड़ के नीचे दबा दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह उपाय आर्थिक परेशानियों और कर्ज से राहत दिलाने वाला माना जाता है।

  1. मां लक्ष्मी के मंत्र का 108 बार जाप करें

पूरे 9 दिनों तक प्रतिदिन इस मंत्र का 108 बार जाप करें—

"ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः"

मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से धन संबंधी समस्याएं कम होती हैं और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

  1. मिश्री और नारियल का भोग लगाएं

गुप्त नवरात्र के पूरे 9 दिनों तक सुबह और शाम मां दुर्गा को मिश्री और नारियल का भोग अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।