
Hatheli Par Tribhuj Cross mark in Triangle: हथेली पर त्रिभुज और इसमें क्रॉस निशान का अर्थ
Cross Mark In Triangle: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार मनुष्य की हथेली पर कई तरह की रेखाएं और आकृतियां बनी होती हैं (Hatheli Par Tribhuj)। इन्हीं रेखाओं का अध्ययन करके किसी भी व्यक्ति के भाग्य, सेहत, विवाह, बच्चे और सुख-सुविधा के बारे में पता लगाया जा सकता है।
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार व्यक्ति के हाथ में कुछ ऐसे चिह्न और रेखाएं होती हैं जो राजयोग के संकेत देती हैं। ऐसे व्यक्ति का जीवन ऐश्वर्य वाला होता है और जीवन भर सुख-समृद्धि मिलती है। इसके अलावा हाथ में कुछ ऐसी भी रेखाएं होती हैं जो व्यक्ति के करियर और वैवाहिक जीवन के बारे में दर्शाती हैं।
आज हम आपके लिए हथेली की कुछ ऐसी ही रेखा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो प्रेम विवाह और विदेश यात्रा के संकेत देती हैं। इसके अलावा भाग्य रेखा, मस्तिष्क रेखा और स्वास्थ्य रेखा का त्रिकोण धन की कोठरी बनाता है। माना जाता है कि ऐसे लोग जीवन में अत्यधिक धन एकत्र कर लेते हैं।
प्राचीन ग्रंथों में इस त्रिभुज को धनी होने की निशानी माना गया है। यह त्रिभुज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शनि रेखा, बुध रेखा और मस्तिष्क रेखा से मिलकर बना है। शनि धन और रहस्य का कारक है। बुध व्यापार, गुप्त विद्याओं का कारक है।
बुद्धि यानी मस्तिष्क रेखा बुद्धि का कारक है। ऐसे में यदि बुध और शनि पर्वत अच्छी स्थिति में हैं, बुद्धिमान हो और वह इन सभी गुणों को व्यापार में लगाता है तो वह धनी होता है। हालांकि इसका दूसरा पक्ष भी है। ऐसे व्यक्ति अति इंद्रिय होता है। बुध पर्वत अच्छा होने पर ऐसा व्यक्ति रहस्यमयी विद्याओं का धनी होता है। ऐसे व्यक्ति के पास वैज्ञानिकता का गुण आ जाता है।
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हस्तरेखा विशेषज्ञ नीतिका शर्मा के अनुसार जिन हाथों में तीनों रेखाओं से मिलकर त्रिभुज बना है तो यह शुभ है, लेकिन यदि इनमें से कोई एक रेखा टूटी ना हो अथवा त्रिभुज टूटा हुआ नहीं हेाना चाहिए। यह त्रिभुज यानी धन की कोठरी बंद होनी चाहिए। इस त्रिभुज से व्यक्ति धनवान तो होता है, साथ ही वह रहस्यमयी विद्याओं का धनी भी होता है।
लेकिन यदि त्रिभुज के अंदर क्रॉस का निशान बन गया जो तो व्यक्ति का सारा धन नष्ट हो जाता है। हालांकि विद्याएं नष्ट नहीं होती। त्रिभुज में कोई दोष नहीं होने की स्थिति में शुभ परिणाम मिलता है।
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हस्तरेखा शास्त्र में चंद्र पर्वत को बेहद ही खास माना जाता है। यदि किसी जातक के हाथ में चंद्र पर्वत से कोई यात्रा रेखा निकलकर पूरी हथेली को पार करते हुए गुरु पर्वत तक पहुंचती है, तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में लंबी यात्रा के योग होते हैं। कहा जता है कि ये लोग एक देश से दूसरे देश की यात्रा करते हैं।
किसी जातक के हाथ में चंद्र पर्वत से कोई रेखा निकलकर बुध पर्वत तक जाती है, तो ऐसे व्यक्ति को यात्रा से धन की प्राप्ति होती है, लेकिन जब किसी जातक की हथेली में चंद्र क्षेत्र पर बनी यात्रा रेखा पर कोई क्रॉस का निशान बन जाता है, तो ऐसे में विदेश यात्रा के बिगड़ जाते हैं। साथ ही किसी न किसी कारण से विदेश यात्रा टालनी पड़ती है।
यदि किसी व्यक्ति के हाथ की सबसे छोटी अंगुली के नीचे मौजूद बुध पर्वत से निकली हुई रेखा अनामिका अंगुली के नीचे पहुंचती है तो ऐसे लोगों को जीवन में एक बार विदेश घूमने का मौका जरूर मिलता है।
यदि किसी जातक के चंद्र पर्वत से कोई यात्रा रेखा निकलकर हृदय रेखा से मिल जाती है। तो ऐसे में व्यक्ति के जीवन में प्रेम संबंध बनते हैं और वह उनमें सफलता भी प्राप्त करता है, यानि ऐसे व्यक्ति का प्रेम विवाह में बदल जाता है।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार यदि किसी के हाथ में दो हृदय रेखाएं हैं और एक रेखा चंद्र पर्वत की ओर जा रही है, तो ये स्थिति भी सुखी वैवाहिक योग बनाती है।
Updated on:
05 May 2025 04:16 pm
Published on:
05 May 2025 10:26 am
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