
होली का धुआं करता है सत्ता पर भविष्यवाणी
हिंदू कैलेंडर के आखिरी महीने फाल्गुन का आखिरी दिन पूर्णिमा आज रविवार 24 मार्च को है। इस दिन होलिका दहन 2024 का आयोजन होगा। ज्योतिषियों के अनुसार सनातन परंपरा में होलिका दहन एक सामूहिक यज्ञ है। इससे वातावरण शुद्ध होने के साथ कई अन्य तरह के लाभ और भविष्य के संकेत मिलते हैं। इसलिए होलिका दहन के समय परंपरा का पालन करना चाहिए और विधि पूर्वक पूजा कर मंत्रोच्चार कर होलिका दहन करना चाहिए। साथ ही इस समय वहां मौजूद सभी लोगों को यज्ञ में शुद्ध सामग्री, तिल, मूंग, जड़ी बूटी आदि उसमें डालना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय ज्योतिर्विद आचार्य अंजना गुप्ता के अनुसार होलिका एक सामूहिक यज्ञ है। ज्योतिष शास्त्र में इसके धुएं को लेकर भविष्य के संकेत बताए गए हैं। यदि होली में आपके साथ धुआं पूर्व की ओर हवा में दिखाई दे तो इसका संकेत है राजा और प्रजा को सुख मिलेगा और अगर यही धुआं दक्षिण की ओर जाता हुआ दिखाई दे तो आने वाले समय में राज सत्ता या जो सरकार वर्तमान में है वह भंग हो जाती है।
इसके अलावा अगर होलिका का धुआं उत्तर की दिशा में उठता हुआ दिखाई दे तो आने वाले समय में लोगों के पास धन-धान्य की वृद्धि होगी। इसके अलावा अगर होलिका का धुआं सीधा आकाश की ओर जाए यानी आग जल रही है और सीधी धुआं उठ रहा है तो उस राज्य का राजा जो होगा उसकी सत्ता जाएगी और अच्छे-अच्छे राजनीतिक लोग जमीन पर आ जाएंगे।
धार्मिक ग्रंथों में होलिका की ऊंचाई एक पुरुष की ऊंचाई जितनी होनी चाहिए। मान्यता है कि इससे वायुमंडल शुद्ध बनता है । इस तरह होलिका की ऊंचाई आम तौर पर पांच से छह फीट कम से कम होनी चाहिए। इससे तेज तरंगें और बड़े पैमाने पर निकली ऊर्जा वातावरण शुद्ध करती है। साथ ही मौसम में बदलाव के कारण पनपे हानिकारण जीवाणुओं का भी नाश करती है।
Updated on:
24 Mar 2024 07:57 pm
Published on:
24 Mar 2024 12:46 pm
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