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रत्न कितने साल तक पहनना चाहिए? जानिए मोती से नीलम तक का सही समय और असर

ज्योतिष के अनुसार मोती 2 साल, मूंगा 3–4 साल, माणिक्य 5–7 साल, पन्ना 5 साल और पुखराज, हीरा व नीलम 10–20 साल तक प्रभावी रहते हैं। तय अवधि के बाद रत्न बदलना जरूरी होता है।

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gemstone origin story ratno ki utpatti kaise hui

gemstone origin story ratno ki utpatti kaise hui: रत्नों की उत्पत्ति कैसे हुई

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों को केवल आभूषण नहीं, बल्कि ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने का साधन माना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हर रत्न की एक निश्चित प्रभाव अवधि (Effective Duration) होती है। समय पूरा होने के बाद रत्न का असर कमजोर हो जाता है और कई बार लाभ के बजाय नुकसान भी हो सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सा रत्न कितने साल तक पहनना चाहिए।

मोती (Pearl) कितने साल तक पहनें?

मोती चंद्रमा से संबंधित रत्न है।

  • मोती को लगभग 2 साल तक पहनना चाहिए
  • 2 साल के बाद इसका प्रभाव धीरे-धीरे कम हो जाता है

मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और तनाव से राहत के लिए मोती उपयोगी होता है, लेकिन तय समय के बाद इसे बदलना जरूरी है।

मूंगा (Red Coral) की प्रभाव अवधि

मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है।

  • मूंगा 3 से 4 साल तक अच्छा प्रभाव देता है
  • 4 साल के बाद मूंगा बदल देना चाहिए

साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने में मूंगा मदद करता है।

माणिक्य (Ruby) कितने समय तक असर करता है?

माणिक्य सूर्य ग्रह का रत्न है।

  • माणिक्य 5 से 7 साल तक ऊर्जावान बना रहता है

यह रत्न आत्मसम्मान, नेतृत्व क्षमता और करियर में मजबूती देता है।

पन्ना (Emerald) कब बदलना चाहिए?

पन्ना बुध ग्रह का रत्न है।

  • पन्ना लगभग 5 साल तक प्रभावी रहता है
  • इसके बाद पन्ना बदलना चाहिए

बुद्धि, वाणी, व्यापार और निर्णय क्षमता के लिए पन्ना लाभकारी माना जाता है।

पुखराज, हीरा और नीलम की लंबी अवधि

पीला पुखराज (Jupiter), हीरा (Venus) और नीलम (Saturn)

  • ये रत्न 10 से 20 साल तक प्रभावी रहते हैं
  • लंबे समय तक इनकी ऊर्जा बनी रहती है

ये रत्न जीवन में स्थिरता, धन, वैभव और कर्मफल को मजबूत करते हैं।