3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kalash Sthapana: इस मुहूर्त में नवरात्रि कलश स्थापना होगी सबसे शुभ, जानें सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त, चौघड़िया और मां दुर्गा का आवाहन मंत्र

kalash sthapana muhurat 2024 : चैत्र नवरात्रि 2024 कल 9 अप्रैल से शुरू हो रही है। मां दुर्गा के नौ दिवसीय पूजा उत्सव के लिए कल कलश स्थापना की जाएगी। मान्यता है कि कलश स्थापना से ही माता का आवाहन किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं किस मुहूर्त में मां की कलश स्थापना सबसे शुभ होगी और किस मंत्र से मां को बुलावा देने से मां दुर्गा आपके घर दौड़ी चली आएंगी और आपके जीवन में खुशियां आएंगी, जानिए यहां

2 min read
Google source verification

image

Pravin Pandey

Apr 08, 2024

kalash_sthapana_muhurat_2024.jpg

नवरात्रि 2024 के पहले दिन कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा होगी


इंदौर के जय महाकाली मंदिर खजराना के संरक्षक और ज्योतिर्विद पं. गुलशन अग्रवाल के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से दुर्गा पूजा उत्सव चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है। इस साल मंगलवार 9 अप्रैल 2024 से शुरू हो रहा कालयुक्त नामक विक्रम संवत् 2081 (हिंदू नववर्ष) बेहद शुभ है।


साथ ही वासंतिक (चैत्र) नवरात्रि पर्व की भी इसी दिन शुरुआत होती है। इस साल चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ अशुभ वैधृति योग में हो रहा है, हालांकि इसमें कलश स्थापना पर शास्त्रों में रोक नहीं है। ब्रह्मवेला, अभिजीत और प्रदोष काल में पूर्ण प्रतिपदा तिथि होने से इस समय घट स्थापना किया जा सकता है। इस दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैल पुत्री की पूजा भी होगी।


पं. गुलशन अग्रवाल के अनुसार इस साल की चैत्र नवरात्रि पर्व की समस्त तिथि उद्यातकालीन और पूर्ण हैं, इससे चैत्र नवरात्रि बिना क्षय और वृद्धि के संपूर्ण 9 दिवसीय है। इस वर्ष नवरात्रि पर्व में महाष्टमी का पूजन दिनांक 16 अप्रैल मंगलवार और रामनवमी का पूजन दिनांक 17 अप्रैल बुधवार को होगा ।

ये भी पढ़ेंःHindu Nav Varsh 2024: कब शुरू होगा हिंदू नव वर्ष, जानें इस दिन कैसे करते हैं सेलिब्रेट

दिनांक 09 अप्रैल मंगलवार 2024
~प्रातः 03.19 बजे से 04.45 बजे तक (अमृत)
~प्रातः 04.46 बजे से 06.12 बजे तक (चर)
~प्रातः 09.19 बजे से 10.52 बजे तक (चर)
~प्रातः 10.53 बजे से दोप. 12.25 बजे तक (लाभ)
~दोप. 12.26 मि. से 01.59 मि. तक (अमृत)


~प्रातः 04.07 बजे से 04.17 बजे तक (ब्रह्मवेला+स्थिर लग्न नवांश+अमृत चौघड़िया)
~प्रातः 04.58 बजे से 06.12 बजे तक (द्वि स्व लग्न+चर चौघड़िया)
~प्रातः 06.18 बजे से 06.29 बजे तक (द्वि स्व लग्न नवांश)
~प्रातः 09.19 बजे से 10.07 बजे तक
(स्थिर लग्न+चर चौघड़िया)

~ दोप. 12.25 बजे से 12.49 बजे तक
(अभिजीत+अमृत चौघड़िया)


पं. अग्रवाल के अनुसार मां दुर्गा का कलश स्थापना का सबसे अच्छा मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त होता है। इसलिए संभव हो तो इसी मुहूर्त में कलश स्थापना कर माता का आवाहन करना चाहिए।

ये भी पढ़ेंः Chaitra Navratri: खरमास में शुरू होगी नवरात्रि, भूल से बचने के लिए जान लें कलश स्थापना के ये नियम


जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम ।
लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम ॥

अर्थः मैं सर्वोच्च शक्ति को नमन करता हूं और आग्रह करता हूं कि लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने में और उन्हें प्राप्त करने में मेरी मदद करें।