
हिंदू धर्म में भगवान शिव का विशेष महत्व है, इसलिए उन्हें देवों का देव महादेव भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं में भी भगवान शिव के चमत्कारों का उल्लेख मिलता है। देश शिव भगवान के हजारों मंदिर हैं, इनमें कई चमत्कारों से भरे हुए हैं, जिनका आजतक कोई पता नहीं लगा पाया। ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर अचलेश्वर महादेव मंदिर है जो विज्ञान के लिए भी एक चुनौती बना हुआ है।
दिन में 3 बार बदलता है शिव का रंग
राजस्थान के धौलपुर स्थित अचलेश्वर महादेव के मंदिर में भगवान शिव का चमत्कार देखा जा सकता है। यहां भगवान शिव के मंदिर में शिवलिंग दिन में 3 बार रंग बदलता है। वैसे तो यह शिवलिंग देखने में आम शिवलिंग की तरह ही है, लेकिन इसके बदलते हुए खूबसूरत रंग सभी को हैरान कर देते हैं। बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग दिन में 3 बार अपना रंग बदलता है। ऐसा क्यों होता है इसका कारण आज तक वैज्ञानिक भी नहीं ढूढ़ पाए हैं। इस शिवलिंग का रंग सुबह के समय लाल, दोपहर को केसरिया और रात को श्याम रंग का हो जाता है। इसका अंतिम छोर कहा है इसके बारे में आजतक कोई पता नहीं चला।
कोई नहीं पहुंच पाया अंतिम छोर तक
अचलेश्वर के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस शिवलिंग की जड़ तक कोई नहीं पहुंच पाया है। शिवलिंग कितनी गहराई से जमीन से जुड़ा हुआ है, इसका पता लगाने के लिए इसकी खुदाई का काम कई दिनों तक चला, मगर लोग इसके अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाए और जिसके बाद खुदाई का काम रोक दिया गया।
अचलेश्वर महादेव मंदिर में लोगों की काफी श्रद्धा है। लोगों का कहना है कि इस शिवलिंग के दर्शन करने से इंसान की सभी इच्छाएं पूर्ण होती है और जीवन की सभी तकलीफ दूर हो जाती हैं। लोगों की श्रद्धा का आलम ये हैं कि यहां आने वाले भक्त का मनचाहे जावन साथी की कामना करते हैं। कहा जाता है कि अगर कोई अविवाहित मन में मुराद लेकर इस शिवलिंग के दर्शन कर ले तो उनकी जीवनसाथी पाने की कामना पूर्ण हो जाती है।
Published on:
14 Jan 2021 06:54 am
