script कुंडली में ये दोष हो तो होती है 2-2 बार शादी, जरूर करें यह उपाय | Kumbh Vivah for manglik girl If Mangalik Dosh in kundali do remedy before marriage to remove vidhava yog trayambkeshwar clay pitcher marriage | Patrika News

कुंडली में ये दोष हो तो होती है 2-2 बार शादी, जरूर करें यह उपाय

locationभोपालPublished: Feb 02, 2024 02:04:07 pm

Submitted by:

Pravin Pandey

Kumbh Vivah for manglik girl कुछ लोगों की कुंडली में कुछ ऐसे दोष हो जाते हैं, जिनके कारण लड़के-लड़कियों की दो-दो बार शादी होती है, आइये जानते हैं ये दोष कौन से हैं और विवाह संबंधी इन दोषों को दूर करने के उपाय क्या हैं...

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इस दोष के कारण लड़ियों की होती है दो-दो बार शादी
Kumbh Vivah for manglik girl ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपकी कुंडली में कई बार कुछ ऐसे दोष होते, जिनका उपाय किए बिना विवाह कुछ ऐसा नुकसान कर सकता है, जिसकी भरपाई न हो सके। विवाह संबंधी एक ऐसा ही दोष है, जिसको दूर करने के लिए कुंभ विवाह कराना जरूरी है, ताकि दांपत्य जीवन सुखद और दीर्घायु हो। आइये जानते हैं कुंभ विवाह क्या होता है और कब करना चाहिए..
क्या होता है मांगलिक दोष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें और 12वें भाव में बैठा है तो मंगल दोष बनता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सप्तम भाव पर मंगल का प्रभाव विवाहित और दांपत्य जीवन के लिए बुरा होता है। वहीं, जब एक मांगलिक लड़का या लड़की एक गैर-मांगलिक जीवनसाथी से शादी करते हैं तो कई जोड़ों की मृत्यु हो जाती है या वे गंभीर दुर्घटनाओं के कारण विकलांग हो जाते हैं। इन घरों में सूर्य, शनि, राहु और केतु स्थान भी अंशी मांगलिक दोष का निर्माण करते हैं। हालांकि हमारे ग्रंथों में विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए लड़का या लड़की को मंगल दोष दूर करने के उपाय बताए गए हैं।
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kumbh_vivah_1.jpgकुंभ विवाह क्या होता है
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में मांगलिक दोष है तो उसे मांगलिक दोष निवारण के लिए विवाह से पहले दोष की काट का यह उपाय जरूर करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी कन्या की कुंडली में विधवा योग है तो उसके नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए कुंभ विवाह संस्कार करना चाहिए। यदि ऐसी कन्या कुंभ विवाह किए बिना ही किसी वर से विवाह कर लेती है तो उसे विधवा होने की संभावना होती है। कुंभ विवाह अनुष्ठान में पहले दुल्हन का विवाह मिट्टी के बर्तन में स्थापित भगवान विष्णु की मूर्ति के साथ किया जाता है। पूरे विवाह समारोह के बाद विष्णु की मूर्ति को जलाशय में विसर्जित कर दिया जाता है। इस प्रकार कुंभ विवाह समारोह संपन्न होता है। इसके बाद संबंधित दुल्हन का विवाह दूसरे दूल्हे के साथ किया जा सकता है।

त्र्यंबकेश्वर में कुंभ विवाह का विशेष महत्व
वैसे तो कुंभ विवाह कहीं भी कराया जा सकता है, लेकिन त्र्यंबकेश्वर में कुंभ विवाह का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि यहां द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापित है और त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश यहां विराजमान हैं। इससे यहां कुंभ विवाह करना अधिक फायदेमंद हैं। यहां मां गंगा प्रकट होती हैं। यहां सभी देवी-देवता गुप्त रूप से निवास करते हैं और यहां कुंभ विवाह करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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मंगल दोष प्रभाव कम करने के उपाय और मंत्र
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष के दुष्प्रभाव से बचने के लिए ओम क्रां क्रीम् क्रौं सः भौमाय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके अलावा मंगल ग्रह की शांति पूजा, मंगलवार व्रत, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और हनुमान मंदिर जाकर बूंदी का प्रसाद बांटना मंगल दोष के दुष्प्रभाव को कम कर सकता है। इसके अलावा मंगलवार के दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने और हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाने, तीन मुखी रुद्राक्ष या फिर मूंगा रत्न ज्योतिषी की सलाह से धारण करने से लाभ होता है।

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