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Makar Sankranti Khichdi Kyun Khaate Hain: मकर संक्रांति का त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। इस साल सूर्य 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी 2026 को बुधवार के दिन मनाया जाएगा। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान और दान का विधान है। इस पावन तिथि पर भगवान सूर्य देव की पूजा की जाती है और खासतौर पर खिचड़ी का सेवन किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन खिचड़ी का दान करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति के त्योहार को खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन खिचड़ी ही क्यों खाई जाती है। चलिए जाने इस दिन खिचड़ी का क्या महत्व।
पौराणिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने की परंपरा की शुरुआत बाबा गोरखनाथ के द्वारा की गई थी । ऐसा माना जाता है कि जब खिलजी ने भारत पर आक्रमण कर दिया था, उस समय युद्ध लड़ते- लड़ते योद्धाओं के पास भोजन बनाने का अधिक समय नहीं रहता था। उस समय बाबा गोरखनाथ ने अपने शिष्यों और योद्धाओं को चावल, दाल और सब्जी के साथ पकाने की सलाह दी। इस भोजन को खाकर व्यक्ति में ऊर्जा आती है। ये व्यंजन बहुत ही आसानी से तैयार होने वाला था। इसको खाकर सारी चीजों का पोषण भी एक ही साथ मिल जाता था। उसी समय से मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने की परंपरा की शुरुआत हुई। मकर संक्रांति के दिन आज भी बाबा गोरखनाथ के मंदिर में मेला लगता है और वहां खिचड़ी बांटी जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खिचड़ी का सेवन करने से ग्रहों का सकारात्मक असर हम पर पड़ता है। इसके साथ ही इसे खाने से हमारे शरीर को हर प्रकार का प्रोटीन मिलता है। खिचड़ी खाने से हमारा पेट भी हल्का रहता है और इसे पचाना भी बहुत आसान होता है। तुरंत ऊर्जा पाने के लिए ये सबसे अच्छा भोजन माना गया है। शनिवार के दिन खिचड़ी खाने से शनि देव की कृपा सदा साधक पर बनी रहती है।
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का विधान है। इस दिन खिचड़ी खाने के साथ- साथ दान भी करना बहुत शुभ माना जाता है। आप चाहें तो किसी को खिचड़ी बनाकर दान कर दें या आप खिचड़ी का सामग्री भी दान कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन खिचड़ी का दान करने से साधक के धन भंडार हमेशा भरे रहते हैं।
Published on:
12 Jan 2026 12:00 pm
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