
सौरमंडल में अब शनि ग्रह के पास सबसे ज्यादा 155 चांद हो गए हैं। शनि ग्रह के पास खोजे 62 नए चांद को अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान संगठन ने मान्यता दे दी है। अब तक बृहस्पति ग्रह के पास सबसे ज्यादा 95 चांद थे। बृहस्पति के 12 नए चांद मिलने पर उसे सौरमंडल में सबसे ज्यादा चांद वाला ग्रह घोषित किया गया था। तीन महीने बाद ही शनि ने उसकी यह उपाधि छीन ली गई है। अब शनि ग्रह सबसे ज्यादा चांद वाला ग्रह घोषित कर दिया गया है।
शनि के 62 नए चांद की खोज खगोल वैज्ञानिकों के दो समूहों ने की थी। खगोल विज्ञानी स्कॉट शेफर्ड के मुताबिक दोनों ग्रहों के इर्द-गिर्द ढेरों चांद हैं, लेकिन शनि ने बाजी मार ली है। नए चांद का आकार सिर्फ एक से दो मील है। वे आलू जैसे अनियमित गोलाकार हैं। ये चांद शनि से 60 लाख से 1.8 करोड़ किमी दूरी पर परिक्रमा कर रहे हैं। शनि का सबसे बड़ा चांद टाइटन 10 लाख किमी की दूरी पर परिक्रमा करता है।
शनि के छोटे चांद समूहों में रहते हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक ये बड़े चांद से टूटकर बने हैं। खगोल वैज्ञानिक इन छोटे चांद को सौरमंडल की निर्माण प्रक्रिया समझने की रोचक कड़ी मान रहे हैं। निर्माण के समय सौरमंडल कितना अशांत था, कैसे टकराव हो रहे थे, सूर्य की परिक्रमा के लिए ग्रह एक-दूसरे से कैसे धक्का-मुक्की कर रहे थे, इन सबका अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।
आकार की सीमा तय नहीं
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले समय में कई और चांद का पता चल सकता है। इनकी संख्या हजारों में हो सकती है। डॉ. शेफर्ड के मुताबिक हर ऐसा पिंड, जो किसी ग्रह की निश्चित कक्षा में रहते हुए परिक्रमा करता है, उस ग्रह का चांद कहलाता है। इनके न्यूनतम आकार की खगोल विज्ञान ने अब तक सीमा तय नहीं है।
Updated on:
16 May 2023 03:44 pm
Published on:
16 May 2023 03:43 pm
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