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World War 3 Prediction : 20 मार्च 2026 सबसे खतरनाक दिन? मंगल के नक्षत्र परिवर्तन से विश्व युद्ध की आशंका

World War 3 Prediction : क्या 20 मार्च 2026 को दुनिया में बड़ा संकट आने वाला है? ज्योतिषियों के अनुसार मंगल के नक्षत्र परिवर्तन और मिडिल ईस्ट तनाव से तीसरे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ सकता है। जानिए पूरी भविष्यवाणी।

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भारत

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Manoj Vashisth

Mar 12, 2026

World War 3 Prediction

World War 3 Prediction : क्या 20 मार्च 2026 बनेगा दुनिया का सबसे खतरनाक दिन? ज्योतिषियों की चेतावनी, बढ़ सकता है World War 3 का खतरा (फोटो सोर्स: Gemini AI)

World War 3 Prediction : मिडल ईस्ट की धरती इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठी है। एक तरफ इजराइल की घातक मिसाइलें हैं तो दूसरी तरफ ईरान के खतरनाक ड्रोन्स और अमेरिका की सख्त चेतावनी। 6 मार्च 2026 तक के हालात बता रहे हैं कि दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां से वापसी का रास्ता शायद तबाही की ओर जाता है। लेकिन क्या वाकई 20 मार्च को कुछ ऐसा होने वाला है जो पूरी दुनिया का नक्शा बदल देगा? ज्योतिष शास्त्र के समीकरण और ग्रहों की चाल तो कुछ ऐसे ही खौफनाक संकेत दे रहे हैं।

World War 3 Prediction : क्या कहती है 20 मार्च की डेट?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 20 मार्च 2026 की रात 09:29 बजे मंगल ग्रह पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहा है। ज्योतिष में मंगल को युद्ध, रक्तपात और क्रोध का कारक माना जाता है।

दोमुंहा नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद का प्रतीक दो चेहरे वाला व्यक्ति है। इसका मतलब है कि इस दौरान दुनिया के सामने कई देशों के छिपे हुए एजेंडे बाहर आएंगे।

हवाई हमले का खतरा: इस नक्षत्र परिवर्तन से अचानक हवाई दुर्घटनाओं, मिसाइल हमलों या आसमान से बरसती आग का खतरा बढ़ जाता है।

विश्व युद्ध की आहट: गंड योग और हस्त नक्षत्र की मौजूदगी बताती है कि ये झगड़ा बातों से नहीं, बल्कि हथियारों से सुलझाने की कोशिश होगी, जो तीसरे विश्व युद्ध की चिंगारी बन सकता है।

कन्या लग्न और ग्रहों का मायाजाल

5 मार्च 2026 को नई दिल्ली के समय के अनुसार बनी कुंडली में कन्या लग्न उदय हो रहा है। इसके संकेत बेहद पेचीदा हैं:

छठा भाव (शत्रु स्थान): यहां सूर्य, बुध, मंगल और राहु की युति है। राहु और मंगल का साथ आना अंगारक दोष जैसा प्रभाव देता है, जो अचानक और भीषण सैन्य कार्रवाई का संकेत है।

सातवां भाव (विपक्ष): यहां शनि और शुक्र की जोड़ी है। शनि देरी करवाता है और शुक्र कूटनीति का प्रतीक है। यानी दुश्मन आसानी से घुटने नहीं टेकेगा, ये लड़ाई लंबी खिंच सकती है।

तकनीकी युद्ध: कुंभ राशि में ग्रहों का जमावड़ा बताता है कि यह युद्ध जमीन से ज्यादा साइबर वॉर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक ड्रोन्स के जरिए लड़ा जाएगा।

मार्च 2026: इन तारीखों पर टिकी है दुनिया की नजर

इस महीने ग्रहों का गोचर (Transit) किसी बड़े राजनीतिक भूकंप से कम नहीं है:

14 मार्च: सूर्य का मीन राशि में प्रवेश (तनाव में बढ़ोतरी)।

20 मार्च: मंगल का नक्षत्र परिवर्तन (सबसे संवेदनशील समय)।

26 मार्च: शुक्र का मेष राशि में जाना (आक्रामक कूटनीति)।

ज्योतिषियों का मानना है कि मार्च का आखिरी हफ्ता इस सदी का सबसे चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है। केवल इजराइल-ईरान ही नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भी इस दौरान मानसिक तनाव, गुस्सा और दुर्घटनाओं के योग बन रहे हैं।

क्या अप्रैल में मिलेगी राहत?

हालांकि तस्वीर डरावनी है, लेकिन उम्मीद की एक किरण भी है। 6 अप्रैल 2026 के बाद ग्रहों की स्थिति में सुधार होने की संभावना है। बृहस्पति (गुरु) की स्थिति बताती है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और बड़े देशों की मध्यस्थता के कारण युद्ध विराम (Ceasefire) की बातचीत शुरू हो सकती है। यह पूर्ण शांति तो नहीं होगी, लेकिन विनाश की रफ्तार पर ब्रेक जरूर लग सकता है।

युद्ध का आपकी जेब पर असर

अगर यह संघर्ष 20 मार्च के बाद और भड़कता है, तो इसके परिणाम केवल सरहदों तक सीमित नहीं रहेंगे:

कच्चा तेल (Crude Oil): ईरान और आसपास के क्षेत्रों में तनाव से पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

शेयर बाजार: ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।

गोल्ड (Gold): अनिश्चितता के माहौल में सोने की कीमतें रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।