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18 जुलाई तक रहेगा ‘बंधक योग’, मौसम के साथ कई क्षेत्रों पर पड़ेगा असर, ज्योतिषाचार्य ने बताए प्रभाव

Rahu Ketu Bandhak Yog- 18 जुलाई तक बनने वाला दुर्लभ बंधक योग क्या देश-दुनिया की दिशा बदल सकता है? ज्योतिषाचार्यों ने मौसम, राजनीति, व्यापार और सत्ता में बड़े बदलावों के संकेत दिए हैं।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 06, 2026

rahu ketu bandhak yog until 18 july 2026 effects on weather politics business

Rahu Ketu Bandhak Yog effects- 18 जुलाई तक आपकी जिंदगी पर कैसा रहेगा इस दुर्लभ योग का प्रभाव? जाने (फोटो सोर्स- chatgpt)

Rahu Ketu Bandhak Yog effects- 18 जुलाई तक ग्रहों की एक दुर्लभ स्थिति कई बड़े बदलावों के संकेत दे रही है। राहु और केतु के बीच एक बार फिर सभी प्रमुख ग्रहों के आ जाने से 18 जुलाई तक बंधक योग बन गया है। इस दौरान मौसम, राजनीति, व्यापार और वैश्विक घटनाक्रम पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार शुक्रवार को चंद्रमा के कुंभराशि में प्रवेश करते ही यह योग सक्रिय हो गया।

24 जून को समाप्त हुआ था यह योग

इससे पहले 24 जून को यह योग समाप्त हुआ था, लेकिन अब पुनः ग्रहो की ऐसी स्थिति बनने से धर्म, व्यापार, राजनीति, न्याय, मौसम और सामाजिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। कहीं भारी बारिश तो कहीं सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। आखिर क्या है बंधक योग और इसे इतना प्रभावशाली क्यों माना जा रहा है, जानिए पूरी भविष्यवाणी।

ज्योतिषाचार्य ने बताए योग के प्रभाव

पं. गौतम के अनुसार वर्तमान में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि सभी राहु-केतु के मध्य स्थित हैं। वहीं सूर्य के पीछे मंगल, मंगल के पीछे शनि और शनि के पीछे राहु की स्थिति खंड वर्षा के संकेत दे रही है। उनका कहना है कि कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं सामान्य से कम वर्षा की स्थिति बन सकती है।

उन्होंने बताया कि कर्क राशि में गुरु और शुक्र का संयोग वैश्विक स्तर पर तनाव, कूटनीतिक टकराव और राजनीतिक अस्थिरता के संकेत दे रहा है। गुरु के अतिचारी और त्रिराशिगामी होने से कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन या मंत्रिमंडल विस्तार जैसी स्थितियां भी बन सकती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली की राजनीति में भी हलचल की संभावना जताई गई है।

7 जुलाई को बुध होंगे वक्री

इधर 7 जुलाई को सुबह 10.32 बजे बुध वक्री अवस्था में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। बुध 5 अगस्त तक मिथुन राशि में रहेंगे। बुध को बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, संचार और तर्क का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, जबकि व्यापार, शिक्षा और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर विशेष महत्व का रहेगा।

यह होगा बदलाव

  • बंधक योग- 18 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।
  • सातों प्रमुख ग्रह- राहु-केतु के बीच रहेंगे।
  • मौसम- कहीं भारी बारिश तो कहीं कम वर्षा के संकेत ।
  • राजनीति- मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में हलचल की संभावना।
  • बुध गोचर 7 जुलाई से 5 अगस्त तक मिथुन राशि में रहेंगे।