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बुध की उल्टी चाल होगी शुरू, जानिए आपकी राशि पर क्या होगा असर

Budh Vakri Gochar- 5 अगस्त तक चलने वाला यह गोचर कई राशियों के लिए उलझनें तो कई के लिए नए मौके लेकर आ सकता है। जानिए आपकी राशि पर इसका क्या असर होगा और किन उपायों से मिलेगा लाभ।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 05, 2026

budh vakri gochar 2026

Budh Vakri Gochar 2026- वक्री बुध 7 जुलाई को मिथुन राशि में करेंगे प्रवेश (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Budh Vakri Gochar 2026- जुलाई का दूसरा सप्ताह ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। बुध 7 जुलाई को वक्री चाल से अपनी राशि मिथुन में वापस लौटकर आ रहे हैं। यहां बुध 5 अगस्त तक रहेंगे और फिर से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में करीब एक महीने तक बुध मिथुन राशि में वक्री मार्ग गति से गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि बुध 5 अगस्त तक इसी राशि में रहेगा, इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेगा।

सभी राशियों पर पड़ेगा इसका प्रभाव

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मिथुन राशि में बुध के वक्री गति से आने का प्रभाव मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। हालांकि, बुध की वक्री चाल कई लोगों के लिए नए अवसर लेकर आएगी। मेष, कर्क और तुला सहित कई राशियों के जातकों को व्यापार में रुकावटें और गलतफहमियों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या है बुध गृह?

बुध कम्युनिकेशन का ग्रह है। बुध ग्रह के अधिदेवता भगवान विष्णु हैं। बुध व्यापार के देवता तथा व्यापारियों के रक्षक हैं। बुध चन्द्र और तारा के पुत्र है। बुध सौरमंडल के ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य से निकटतम है। बुध के हाथों में तलवार, ढाल, गदा तथा वरमुद्रा धारण की हुई है। नीतिका शर्मा ने बताया कि बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। बुध सूर्य का निकटतम ग्रह है। बुध ग्रह को बुद्धि का प्रदाता कहा गया है।

बुध के लक्षण

बुध ग्रह के लक्षण की बात करें तो यह व्यक्ति में बुद्धि, विवेक, हाज़िर जवाबी और हास्य–विनोद का प्रतिनिधित्व करता है। यह एक शुभ ग्रह है लेकिन कुछ स्थितियों में बुध अशुभ ग्रह में बदल सकता है। बुध सौरमंडल के ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य से निकटतम है। जिन लोगों की कुंडली में बुध की स्थिति ठीक नहीं है, उनके जीवन में भ्रम बना रहता है। वाणी में कटुता रहती है। पढ़ाई में मन नहीं लगता है। व्यापारिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। त्वचा या नसों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।

ज्योतिष में बुध ग्रह का महत्व

ज्योतिषाचार्या के अनुसार, बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, तर्क-वितर्क और मित्र का कारक माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य और शुक्र, बुध के मित्र ग्रह होते हैं जबकि चंद्रमा और मंगल इसके शत्रु ग्रह हैं। जिन जातकों की जन्म कुंडली में बुध ग्रह लग्न भाव के होते हैं वह व्यक्ति आकर्षक और स्वभाव से तर्कसंगत और कुशल वक्ता होते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में बुध को सूर्य के समान तेजस्वी दिव्य पीतांबरधारी, संपूर्ण आभूषणों से विभूषित, अर्थशास्त्रों के ज्ञाता, उत्कृष्ट बुद्धि संपन्न, मधुर वाणी बोलने वाले महान गणितज्ञ माना गया है। मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीचराशिगत संज्ञक तथा कन्या राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। सूर्यदेव के साथ इनकी युति होने से बुधादित्य योग बनता है।

क्या होगा असर

बुध के राशि परिवर्तन से मौसम का मिजाज भी बदलना शुरू हो जाएगा। मानव कल्याण कार्य, वर्षा होना, किसानों में अपनी खेती कार्यों के प्रति उत्साह की अनुभूति, व्यापारिक संस्थानों में उत्साह वृद्धि हो सकती है। लोगों में रचनात्मकता बढ़ेगी। शेयर मार्केट बढ़ने की संभावना है। बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा।

लेन-देन और निवेश में कई लोगों को फायदा मिल सकता है। फिल्मी सितारों के लिए यह समय सही नहीं रहेगा। किसी बड़े सुपरस्टार की तबीयत खराब हो सकती है इसके साथ ही कैरियर भी डाउन होगा। एक बड़े सुपरस्टार का बुरा समय इसी साल में शुरू होगा।

बुध के उपाय

नीतिका ने बताया कि बुध से पीड़ित व्यक्ति को मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए और साबूत हरे मूंग का दान करना चाहिए। बुधवार के दिन गणपति को सिंदुर चढ़ाएं। बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। दूर्वा की 11 या 21 गांठ चढ़ाने से फल जल्दी मिलता है। पालक का दान करे। बुधवार को कन्या पूजा करके हरी वस्तुओं का दान करे।