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Surya Grahan: सोमवती अमावस्या पर लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानिए कहां-कहां दिखेगा और सूतक काल मान्य होगा या नहीं

Surya Grahan 2024 हिंदी कैलेंडर का आखिरी सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को लगेगा, इसी दिन सोमवती अमावस्या भी पड़ेगी। इसके अलावा नवरात्रि से पहले सोमवती अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण ये तिथि को विशेष बना रहै है तो आइये जानते हैं सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखेगा और इस समय सूतक काल मान्य होगा या नहीं (sutak kal)...

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Pravin Pandey

Apr 04, 2024

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सूर्य ग्रहण 2024 पर सूतक काल मान्य है या नहीं


पंचांग के अनुसार 8 अप्रैल 2024 सोमवार के दिन खग्रास सूर्य ग्रहण लगेगा। इसी दिन सोमवती अमावस्या भी है। ग्रहण की सबसे लंबी अवधि के दौरान सूर्य पूर्ण रूप से चंद्रमा की छाया में छिप जाएगा। इस सूर्य ग्रहण की समग्रता की सबसे लंबी अवधि 4 मिनट और 28 सेकेंड है। यह खग्रास ग्रहण मुख्य रूप से कनाडा, मैक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका में दिखाई देगा। आंशिक सूर्य ग्रहण उत्तर अमेरिका यूरोप के कुछ पश्चिमी भागों, दक्षिण अमेरिका के उत्तरी तटीय भागों, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और आर्कटिक क्षेत्र में दिखाई देगा।


पंचांग के अनुसार सोमवती अमावस्या पर लग रहा सूर्य ग्रहण भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, फिजी, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य एशियाई देशों से दिखाई नहीं देगा। साथ ही यह ग्रहण दक्षिण अटलॉन्टिक महासागर, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अधिकांश यूरोप महाद्वीप के देशों से भी दिखाई नहीं देगा। पं. विष्णु राजौरिया का कहना है कि जिस जगह पर सूर्य ग्रहण दिखाई देते है, वहीं सूतक काल माना जाता है। इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा।

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पं. विष्णु राजौरिया का कहना है कि सोमवती अमावस्या का दिन बेहद खास माना गया है। इस दिन स्नानदान करना विशेष शुभ होता है। इस दिन पवित्र तीर्थों में स्नान करने के साथ ही जब भी अमावस्या तिथि सोमवार के दिन आती है तो सोमवती अमावस्या का योग बनता है। साल में बहुत कम बार ऐसा मौका आता है, जब सोमवार को अमावस्या आती है।


सोमवती अमावस्या को स्नानदान के पर्व के रूप में माना जाता है। साथ नवरात्रि से पहले सोमवती अमावस्या और इसी दिन सूर्य ग्रहण से इसका महत्व बढ़ गया है। इस दिन दान पुण्य से कई गुना अधिक फल मिलेगा। साथ ही इस दिन पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए पूर्वजों का श्राद्ध करना चाहिए। इस दिन कालसर्प दोष निवारण पूजा करने का विशेष फल मिलेगा। भगवान शंकर की पूजा विशेष फलदायी होगी।